बर्फबारी से जिले में करोड़ों का नुकसान

मंडी। हिमपात के चार दिन बाद भी जिले के कई हिस्सों में यातायात बहाल नहीं हो पाया है। बर्फ की पिघलती चादर के तले अब तक सरकारी महकमों को करोड़ों की चपत लगने के आंकड़े सामने आ चुके हैं। भले ही यह बर्फबारी आने वाले दिनों में बागवानों को करोड़ों का मुनाफा दे लेकिन इससे पहले बर्फ की यह चांदी करोड़ों का नुकसान कर गई है। जिले के कई संपर्क मार्गों पर यातायात बंद पड़ा है। इस कारण हजारों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बर्फबारी से सबसे अधिक नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है। विद्युत बोर्ड और आईपीएच महकमे को भी लाखों की चपत लगी है।
बर्फबारी से करसोग उपमंडल के तहत छतरी, करसोग, चुराग और निहरी डिवीजन के तहत विद्युत बोर्ड को करीब 3 से 4 लाख का नुकसान हुआ है। इसके अलावा आईपीएच विभाग की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से करीब 38 लाख का नुकसान आंका गया है। चौहारघाटी क्षेत्र में विद्युत बोर्ड को तीन लाख की क्षति झेलनी पड़ी है। क्षेत्र में नौ ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। आईपीएच विभाग को एक लाख का नुकसान हुआ है।
गोहर डिवीजन के तहत लोक निर्माण विभाग को करीब 15 करोड़ का नुकसान हुआ है। विद्युत बोर्ड को एक करोड़ और आईपीएच को करीब 60 लाख नुकसान होने का अनुमान है। लोक निर्माण विभाग गोहर के अधिशासी अभियंता जितेंद्र सिंह ने बताया कि बर्फबारी से गोहर डिवीजन में विभाग को करीब 15 करोड़ का नुकसान होने का अनुमान है। बंद सड़क को बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। आईपीएच विभाग करसोग के एक्सईएन एमएस ठाकुर ने कहा कि बर्फबारी और बारिश से पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। इससे विभाग को करीब 38 लाख की चपत लगी है।

यह सड़कें पड़ी हैं अभी बंद
बर्फबारी के कारण चौहारघाटी की बरोट-म्योट, बरोट-बड़ागांव, लोहारड़ी सड़क यातायात के लिए बहाल नहीं हुई। इसके अलावा सराज घाटी की मंडी-च्यूणी, लंबाथाच – कुलथणी, जंजैहली – छतरी, शिली बागी, चैलचौक-सरोआ, कोट देवीदहड़, शिकावरी आदि संपर्क मार्ग भी अवरुद्ध हैं। हालांकि कई मुख्य मार्गों पर लोक निर्माण विभाग ने यातायात बहाल कर दिया है।

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