
चंडीगढ़/रायपुररानी/डेराबस्सी
चंडीगढ़ में बर्ड फ्लू के एक भी मामले की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन पक्षियों के मरने का सिलसिला जारी है। लगातार 11वें दिन शहर के विभिन्न हिस्सों से पर्यावरण विभाग को कई पक्षियों के शव मिले हैं। इनमें कौआ, कबूतर, बुलबुल, चमगादड़ और मोर शामिल हैं। पर्यावरण विभाग को हेल्पलाइन नंबर पर शुक्रवार को कई फोन आए। शुक्रवार को 11 पक्षी मृत मिले हैं।
पर्यावरण विभाग को सेक्टर-50 से एक मोर, सेक्टर-40 से एक कबूतर, मनीमाजरा से एक बुलबुल, रेलवे कालोनी से दो कौए, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में एक मोर और एक कौआ, पंजाब यूनिवर्सिटी से एक बुलबुल, सेक्टर-25 से एक कौआ और सेक्टर-36 में एक चमगादड़ मृत पाया।
बीते दिनों में विभाग ने जांच के लिए 23 पक्षियों के नमूने जालंधर भेजे थे, जिसमें से सभी की रिपोर्ट आ गई है। किसी भी पक्षी में बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं। गौरतलब है कि शहर में अब तक 90 पक्षियों की मौत हो चुकी है।
पंचकूला : सातवें दिन 9510 मुर्गियां मारी गईं, 1870 अंडे किए नष्ट
उधर, बर्ड फ्लू के कारण पंचकूला के रायपुररानी के नरेंद्र पोल्ट्री फार्म पर सातवें दिन भी रैपिड टास्क फोर्स की टीम का ऑपरेशन जारी रहा। गांव खेड़ी के पोल्ट्री फार्म में 9510 मुर्गियों को मारा गया। अब तक रैपिड रिस्पांस टीम ने रायपुररानी पोल्ट्री फार्म बेल्ट में 57,150 मुर्गियों को मारा जा चुका है। इसके अलावा 1870 अंडे नष्ट कर दिए हैं।
मुर्गियों को मारने के बाद जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर उसमें दबाया गया है। शुक्रवार को ऑपरेशन अपने तय समय करीब 11 बजे शुरू किया गया। रोजाना की तरह एक किलोमीटर के संक्रमित जोन में नाका लगा दिया गया और पोल्ट्री फार्म में आने जाने पर पाबंदी लगाई गई।
जिला उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने बताया कि रैपिड रिस्पांस टीम अपना काम तेजी के साथ कर रही हैं। रायपुररानी के इन पोल्ट्री फार्म से एक किलोमीटर के दायरे को संक्रमित जोन घोषित किया गया है। इसके साथ ही एक से 10 किलोमीटर की परिधि के क्षेत्र को सर्विलांस जोन में रखा गया है।
डेराबस्सी के दो पोल्ट्री फार्म की रिपोर्ट संदिग्ध
उधर, मोहाली के डेराबस्सी के नजदीकी गांव बेहड़ा में स्थित दो पोल्ट्री फार्मों की मुर्गियों की जांच रिपोर्ट जालंधर लैब में संदिग्ध मिली है। अब पशु पालन विभाग ने दोनों पोल्ट्री फार्मों के सैंपल भोपाल स्थित लैब में भेजे हैं। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि उक्त दोनों पोल्ट्री फार्मों की मुर्गियों में बर्ड फ्लू है या नहीं।
पालन विभाग के सहायक मुख्य सचिव बीके जुनेजा ने बताया कि डेराबस्सी के गांव बेहड़ा में स्थित अल्फा पोल्ट्री फार्म और रॉयल पोल्ट्री फार्म से भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट संदिग्ध पाई गई है। वहां से आई रिपोर्ट संदिग्ध है और अभी पुष्टि नहीं कर सकते कि इन दोनों फार्मों में बर्ड फ्लू है। उन्होंने बताया कि यह सैंपल आरटी-पीसीआर तकनीक के जरिये लिए गए थे।
जालंधर की लैब में सिर्फ प्राथमिक जांच ही हो सकती है, जबकि बर्ड फ्लू की अंतिम पुष्टि भोपाल की लैब की जांच के बाद होगा। इसी कारण उक्त दोनों पोल्ट्री फार्मों के सैंपल भोपाल लैब में भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि विभाग ने पूरे पंजाब में 2500 सैंपल लिए हैं। इनमें दो सैंपल डेराबस्सी क्षेत्र के हैं, जो संदिग्ध मिले हैं।
यह क्षेत्र हरियाणा के बरवाला से जुड़ा है। जहां पहले ही बर्ड फ्लू के संदिग्ध केस सामने आ चुके हैं। वह किसी किस्म का भी खतरा नहीं ले सकते। उन्होंने 30 वेटरनरी डॉक्टरों को इस क्षेत्र में तैनात किया है और सभी को आसपास के चिकन कार्नरों और कच्चा चिकन बेचने वालों से सैंपल लेने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक गांव बेहड़ा के दोनों पोल्ट्री फार्मों में सिर्फ अंडे पैदा किए जाते हैं। अल्फा पोल्ट्री फार्म में 50 हजार और रॉयल पोल्ट्री फार्म में करीब 20 हजार अंडे पैदा करने वाली मुर्गियां हैं। दोनों पोल्ट्री फार्म में रोजाना 40 हजार अंडे पैदा किए जाते हैं और इनकी सप्लाई हरियाणा में की जाती है।
