
धर्मशाला। उत्तराखंड में बाढ़ से हुई भारी तबाही से सबक लेते हुए कांगड़ा जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन से पूर्व की तैयारियों पर मंथन किया। सोमवार को सांसद डा. राजन सुशांत की अध्यक्षता में आयोजित हुई जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक में सांसद ने मनरेगा की राशि सड़कों की आवश्यक मरम्मत पर खर्च करने का ऐलान किया। उन्होंने लोनिवि अधिकारियों से सात दिन के भीतर इस बाबत रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने कहा कि कार्ययोजना बनाकर उस पर तुरंत अमल किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि बरसात में कोई सड़क न टूटे और डंगा न गिरे। इसके लिए अभी से सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश सांसद ने दिए।
उन्होंने दो दिन के भीतर संबंधित डिवीजन में अधिकारियों को पंचायत प्रतिनिधियों से बैठक करने के निर्देश भी दिए। ग्रामीण विकास कार्यक्रम के तहत कार्यान्वित कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि मनरेगा कार्यक्रम को जिला में प्रभावी ढंग से कार्यान्वित किया जाए। कहा कि चालू वित्त वर्ष में कांगड़ा जिला में मनरेगा कार्यक्रम पर 160 करोड़ रुपए की राशि व्यय की जाएगी। उन्होंने मनरेगा के साथ जुड़े अन्य विभागों के अधिकारियों से कहा कि वह शैल्फ तैयार करके संबंधित खंड विकास अधिकारी को प्रेषित करें, जिससे धनराशि का प्रावधान तुरंत किया जा सके।
इस मौके पर उपायुक्त सी पालरासू ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का जिला में प्रभावी ढंग से कार्यान्वयन किया जा रहा है और प्रयास किए जा रहे हैं कि इस वर्ष के निर्धारित लक्ष्यों को समय से पहले पूरा किया जा सके। बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष श्रेष्ठा कौंडल, परियोजना अधिकारी डीआरडीए कुलवीर राणा के अतिरिक्त विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
ग्रामसभा की बैठकों की होगी वीडियो रिकार्डिंग
सांसद डा. सुशांत ने कहा कि जिला भर में सभी ग्राम सभा की बैठकों की अनिवार्य रूप से वीडियो रिकार्डिंग होगी। जिलाभर में ग्राम सभाएं 7 जुलाई को होेंगी। इसके लिए पंचायतों को कैमरे मुहैया करवा दिए गए हैं। डा. सुशांत ने कहा कि ग्रामसभा का कोरम पूरा न होने के कारण अनेक विकास कार्यों के प्रारूप अनुमोदित नहीं हो पाते। जिस कारण विकास कार्य लंबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामसभा की वीडियो रिकार्डिंग होने से बैठक की सही जानकारी प्राप्त होगी।
