बरसात ने तबाह की चेरी की फसल

रोहड़ू। कोटखाई तहसील की बाघी पंचायत में फ्रूट फ्लाई और बरसात ने चेरी की फसल को तबाह कर दिया है। हालात यह हैं कि बागवान पौधों से फलों को तोड़कर गोबर के गड्ढों में दबा रहे हैं। उद्यान विभाग की टीम ने बागवानों के आग्रह पर प्रभावित क्षेत्र के बगीचों का दौरा किया। नकदी फसल तबाह होने के बाद बागवानों की नींद हराम हो गई है।
बाघी पंचायत निवासी बागवान शेर सिंह शोपटा ने बताया कि चेरी में पहले फल छेदक फ्लाई (कीट) ने भारी नुकसान पहुंचाया है। अब बारिश होने के बाद फलों में दरारें पड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 में ओलावृष्टि से बागवानों को भारी नुकसान हुआ है। पिछले साल चेरी के पौधों में फसल ही नहीं लगी। इस बार साल भर मेहनत के बाद अच्छी फसल की उम्मीद के बाद निराशा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि चेरी के पौधों में खराब फलों के लिए भालू ने पौधों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। अब पौधों को बचाने के लिए बागवान चेरी को पौधों से तोड़ कर गोबर में दबा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसकी सूचना उद्यान विभाग की टीम को दी गई है। उद्यान विभाग की टीम ने भी क्षेत्र का दौरा किया है। क्षेत्र के बागवानों ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित बागवानों को फसल का उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने मांग की है कि गुम्मा तथा नारकंडा में फ्रूट प्रोसेसिंग प्लांट लगाए जाएं। चेरी का सरकार की ओर से समर्थन मूल्य भी निर्धारित किया जाए। उद्यान विभाग के उपनिदेशक गोविंद सिह झोबटा ने बागी पंचायत में चेरी के नुकसान की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि उनके साथ टीम में पौध संरक्षण अधिकारी तथा विषय विशेषज्ञ ने चेरी के बगीचों का दौरा किया है। उन्होंने कहा कि बागवानों को इसके बचाव के उपाय समझा दिए गए हैं।

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