बरसात ने किसानों को चिंता में डाला

पधर (मंडी)। मौसम के बदले मिजाज ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। बारिश से हाल ही में निकाली गई मक्की की फसल सड़ने के कगार पर है। धान की फसल भी खराब होने लगी है। अन्य नगदी फसलें बारिश से ज्यादा प्रभावित नहीं हुई हैैैं। इन दिनों किसान मवेशियों के लिए सर्दियों का चारा जुटाने के लिए अपनी घासणियों में हरा घास काट रहे हैं, यह भी वर्षा के पानी से खराब होने लगी है। पिछले दो दिन से पशुपालकों ने चारा कटाई के कार्य पर रोक लगा दी है, ताकि घास खराब न हो जाए। इस वर्ष मक्की की अच्छी फसल की उम्मीद पर बरसात के कहर ने पानी फेर दिया। किसानाें में देवी सिंह, परस राम, श्याम लाल, पूर्ण चंद, दितु राम, हेम सिंह, सरण सिंह, हलकू राम, प्यार चंद, मस्तराम, भीम सिंह, दयालु राम, मेहर सिंह, शेष राम, मखौली राम, बीरी सिंह, घनश्याम, उत्तम सिंह का कहना है कि हर वर्ष उन्हें अपनी फसलों की पैदावार को लेकर प्राकृतिक आपदा का प्रकोप झेलना पड़ता है। नुकसान से उबारने के लिए फसल बीमा योजना भी कारगर साबित नहीं हो रही है, वहीं सरकार की ओर से भी किसानों को राहत प्रदान करने के लिए किसी प्रकार के कारगर कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। किसानों ने सरकार से मांग की है कि इस वर्ष बरसात के चलते किसानों का जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई की जाए।

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