बद्दी में केरोसिन की कालाबाजारी

बद्दी (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में मिट्टी के तेल की कालाबाजारी सरेआम हो रही है। दुकानों में मिट्टी का तेल 35 से 40 रुपये बिक रहा है। रसोई गैस के अभाव के चलते लोगों को मजबूरन केरोसिन खरीदना पड़ रहा है।
औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में करीब एक दर्जन मिट्टी के तेल डिपो हैं। इन डिपुओं में मिट्टी का तेल नहीं मिलता है, लेकिन बिना लाइसेंस के मिट्टी का तेल कई करियाना की दुकान पर मिल जाता है। तेल उन ग्राहकों को ही दिया जाता है जो उनकी दुकान से राशन खरीदते हैं। लोगों का कहना है कि इन करियाना दुकानदारों के पास मिट्टी का तेल कहां से आ रहा है? कौन देता है? इससे विभाग की कार्यप्रणाली भी संदेश के घेरे में है।
भारतीय मजदूर संघ के जिला प्रधान गोपाल चौधरी, जिला उपाध्यक्ष निक्का राम ठाकुर, महामंत्री हृदय राम शर्मा, मंडल अध्यक्ष हरी राम पप्पू समेत कई मजदूर नेताओं का कहना है कि इस औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों में कार्यरत कामगारों कम रेट पर तेल देने के सरकार की ओर से डिपो खोले गए हैं परंतु लोगों को तेल 35 से 40 रुपये लीटर मिल रहा है। संघ ने प्रदेश सरकार व संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि औद्योगिक क्षेत्र में मिट्टी की तेल की ब्लैक को पूर्ण रूप से बंद किया जाए। ब्लैक में तेल बेचने वाले डिपो होल्डर का लाइसेंस रद किया जाए।
इस संबंध में बीबीएनआईए के मुख्य सलाहकार दीपक भंडारी ने बताया कि पूर्व भाजपा सरकार से बीबीएन में मिट्टी के तेल का पंप खोलने के मुद्दे को कई बार उठाया था परंतु कोई परिणाम सामने नहीं आए। अब इस संदर्भ में जल्द ही मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मुलाकात की जाएगी। खाद्य आपूर्ति नियंत्रक यादविंद्र पाल ने इस बारे में अनभिज्ञता जताई है। उन्होंने बताया कि मिट्टी के तेल की ब्लैक करने वालों के खिलाफ विभाग समय-समय कार्रवाई करता है। अगर बद्दी में डिपो होल्डर ही इस काम में शामिल है तो उनकी जांच कराई जाएगी।

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