
बदरीनाथ। बदरीनाथ धाम में अभी भी करीब साढे़ तीन सौ स्थानीय लोग मौजूद हैं, बावजूद यहां रसद नहीं भेजी जा रही है। पिछली चार जुलाई को जोशीमठ से हेलीकॉप्टर में बदरीनाथ धाम केरोसीन भेजा गया। माणा, बामणी गांव के लोगों को दो-दो लीटर केरोसीन, पांच-पांच किलो आटा, चावल दिया गया, लेकिन तब से जिला प्रशासन ने धाम की सुध नहीं ली है।
तीर्थ पुरोहित विनोद कोटियाल, व्यापार संघ उपाध्यक्ष श्याम लाल पंचपुरी, भगवती प्रसाद कोटियाल और विष्णु शर्मा का कहना है कि जब तक बदरीनाथ में तीर्थयात्री फंसे हुए थे, तब तो सरकार ने धाम में खूब राहत सामग्री पहुंचाई। लेकिन अब यहां पर करीब साढे़ तीन सौ लोग रह रहे हैं, लेकिन रसद सामग्री भेजने में हीला-हवाली की जा रही है। मांग उठाई गई कि सरकार हमें सस्ते रेट पर रसद उपलब्ध कराए। माणा गांव के पूर्व ग्राम प्रधान पीतांबर मोल्फा ने बताया कि रसद की कमी से लोग परेशान हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से हेलीकॉप्टर से राहत भिजवाने की मांग की है।
राहत सामग्री बांटी
गैरसैंण/कर्णप्रयाग। सारकोट के सात, परवाड़ी के तीन और पज्याणा मल्ला के दो परिवारों को कांग्रेस ब्लाक कमेटी सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम ने राहत सामग्री बांटी। सीएमओ डा. अजीत गैरोला, सीएचसी के डा. एके सिंह ने गांव में पहुंचकर प्रभावित परिवारों का स्वास्थ्य निरीक्षण कर दवाइयां दी। वहीं कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष बृजलाल शाह, उपाध्यक्ष पूरन नेगी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भी प्रभावितों को राहत सामग्री बांटी। नारायणबगड़ में इंडियन ओवरसीज बैंक ने भी प्रभावितों को दो ट्रक राहत सामग्री वितरित की।
चिह्नित सभी आपदा पीड़ितों को बांटी राहत राशि
उत्तरकाशी। प्रशासन ने आपदा में निजी परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का आंकलन कर आपदा पीड़ितों को मानकों के अनुसार शत-प्रतिशत मुआवजा बांट दिया है। जिले में कुल 5546 परिवारों को छह करोड़ पचपन लाख, इकहत्तर हजार, सात सौ उनतालीस (6,55,71,739) रुपये मुआवजा बांटा गया है।
बीते 16-17 जून की आपदा में प्रशासन ने 138 पक्के भवन पूर्ण, 116 तीक्ष्ण तथा 447 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त चिह्नित किए। इनके स्वामियों को क्रमश: दो लाख, एक लाख तथा 1900 रुपये की दर से मुआवजा बांटा गया। इसी तरह 14 कच्चे भवनों की क्षति पर कुल 1.091 लाख रुपये, 78 जानवरों की मौत पर कुल 12.14 लाख रुपये बांटे गए। छह मृतकों के आश्रितों को पांच लाख रुपये प्रति व्यक्ति राहत राशि दी गई। एसडीएम बीके मिश्रा ने कहा कि राज्य आपदा राहत कोष से प्राप्त बजट से आपदा में हुई क्षति का पूरा मुआवजा बांट दिया गया है। अभी मुख्यमंत्री राहत कोष से पैसा नहीं मिला है। व्यावसायिक भवनों का उसी से मुआवजा दिया जाना है।
