
रुड़की। दिल्ली गैंगरेप कांड के बाद महिला उत्पीड़न रोकने के लिए पूरे देश में आवाज उठी, लेकिन पुलिस की कार्यप्रणाली वही ढाक के तीन पात वाली रही। महिलाओं पर हो रहे उत्पीड़न के मामले में पुलिस अब भी कार्रवाई करने के बजाए पीड़िता और उसके परिजनों को बदनामी का डर दिखाकर मामले को रफादफा करने में लगी रहती है। यही वजह है कि रेडीमेड गारमेंट्स की दुकान में युवती का अश्लील वीडियो क्लिप बनाने के गंभीर मामले में भी पुलिस ने पीड़िता और उसके परिजनों को बदनामी का डर दिखाकर मामले को रफादफा करने का प्रयास किया था।
रेडीमेड गारमेंट की दुकान के ट्राई रूम में किशोरी की वीडियो क्लिप बनाये जाने का मामला चार दिन पहले ही पुलिस के संज्ञान में आ गया था। पीड़ित किशोरी और उसके पिता ने बीटी गंज चौकी में मामले की शिकायत की थी लेकिन चौकी पुलिस ने इतने संगीन मामले को गंभीरता से लेने और आरोपी दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए मामले में समझौता कराने का प्रयास किया। पुलिस ने पीड़ित किशोरी और उसके परिजनों को समाज में बदनामी का डर दिखाकर उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया। तीन दिन तक चौकी पुलिस इस मामले को पुलिस अधिकारियों से छिपाती रही लेकिन पीड़िता के पिता ने चौकी पुलिस के टरकाऊ रवैये को देखते हुए मामले की तहरीर गंगनहर कोतवाली पुलिस को दे दी। मामला पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में आ चुका है। जाहिर है अब मुकदमा भी होगा और आरोपी दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई भी लेकिन इस मामले को दबाने वाले पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई होगी यह अभी साफ नहीं है।
‘मामले की जांच कराई जाएगी। यदि मामले में यह बात सामने आती है कि बीटी गंज पुलिस चौकी ने मामले को दबाने का प्रयास किया है तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सीओ रुड़की को इस मामले की जांच सौंपी गई है।
