
बिलासपुर। कैदियों की संख्या के लिहाज से बिलासपुर के रघुनाथपुरा में स्थित जेल छोटी पड़ रही है। मुक्त कारागार में फिलहाल क्षमता से कम कैदी हैं। इसके विस्तारीकरण का काम भी चल रहा है। अलबत्ता, सब-जेल में कैदियों की संख्या क्षमता से अधिक हो गई है। जेल प्रशासन ने इसकी क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा है।
अपराध के ग्राफ में आ रहे उछाल का असर बिलासपुर के रघुनाथपुरा में स्थित जेल पर भी पड़ रहा है। क्लोज़ जेल में क्षमता से अधिक कैदी हो गए हैं। जानकारी के अनुसार क्लोज़ जेल में पुरुष व महिला कैदियों को रखने की क्षमता क्रमश: 74 व 10 है। इन दिनों क्लोज़ जेल में कैदियों की संख्या लगभग 100 तक जा पहुंची है। अलबत्ता मुक्त कारागार में स्थिति फिलहाल ठीक है। ओपन जेल में 80 कैदियों को रखने की क्षमता है, जहां इन दिनों लगभग पांच दर्जन कैदी हैं। ओपन जेल की क्षमता को बढ़ाकर दुगना करने का कार्य इन दिनों युद्ध स्तर पर चल रहा है। इसके तहत एक बैरक बनकर लगभग तैयार है, जबकि दूसरी का काम शुरू होने वाला है।
जेल अधीक्षक बीपी शर्मा ने स्वीकार किया कि सब-जेल में कैदियों की संख्या क्षमता से कुछ अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि कारागार में काफी खाली जगह है। इसके चलते सब-जेल की क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। वहां से अनुमति मिलते ही लोक निर्माण विभाग से एस्टीमेट तैयार करवाकर आगे भेजा जाएगा।
