
गोहर (मंडी)। मंडी-जंजैहली सड़क एक सप्ताह बाद भी बड़े वाहनों के लिए नहीं खुल पाई है। इससे घाटी में सेब और आलू का कारोबार प्रभावित हुआ है। सेब और आलू निर्यात करने के लिए किसानों- बागवानों को छोटे वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। मंडी-जंजैहली मार्ग पर ओडीधार के पास सड़क धंस गई थी। जहां बड़े वाहनों की आवाजाही पिछले एक सप्ताह से बाधित है।
इधर, लोनिवि ने डंगे लगाने का काम युद्ध स्तर पर छेड़ा हुआ है तथा दो दर्जन से अधिक मजदूर ओडीधार में सड़क तैयार करने में जुटे हुए हैं। निरंतर बारिश से घाटी की सड़कों पर ल्हासों पर ल्हासे गिर रहे हैं। जिससे लोनिवि भी मुश्किल में है। जंजैहली घाटी में सेब और आलू सीजन यौवन है।
क्षेत्र के बागवान ललित कुमार, नारायण सिंह, आलमू राम, बलेसर दास, तेजू, मोहर सिंह, तेज सिंह ठाकुर, चमन लाल और नरपत राम ने बताया कि बड़े वाहनों के लिए सड़क बहाल न होना, उन पर आर्थिक बोझ डाल रहा है। बागवानों का कहना है कि अगर जल्द सड़क ट्रकों के लिए तैयार नहीं होती है तो बरसात की धुंध से उनका सेब खराब हो सकता है। उधर, बुधवार को लोनिवि के अधिशाषी अभियंता केके शर्मा ने ओडीधार का दौरा किया तथा सड़क का जायजा लिया। उन्होंने मजदूरों और विभागीय कर्मचारियों को जल्द सड़क तैयार करने के निर्देश दिए हैं। शर्मा ने बताया कि निरंतर हो रही बरसात सड़क निर्माण में खलल डाल रही है। विभाग युद्ध स्तर पर काम में लगा हुआ है तथा जल्द ट्रकों और बसों की जंजैहली सड़क पर आवाजाही शुरू कर दी जाएगी।
