
पपरोला (कांगड़ा)। बैजनाथ उपमंडल की दुर्गम पंचायत बड़ा भंगाल में मनरेगा व अन्य मदों में करवाए विकास कार्यों में हुए कथित घोटाले की परतें उधड़ने लगी हैं। विकास कार्यों में गोलमाल के आरोपों की जांच के लिए बड़ा भंगाल गई तीन सदस्यीय टीम वापस लौट आई है।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार जांच टीम ने निरीक्षण के दौरान बड़ा भंगाल में हुए कई विकास कार्यों में अनियमितताएं पाई हैं। मौके पर किए गए निरीक्षण में करीब 75 फीसदी विकास कार्यों में गड़बड़ियां पाई गई हैं। सूत्रों के अनुसार जांच टीम ने पंचायत के कुछ लोगों द्वारा की गई शिकायत के आधार पर अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण किया। जानकारी के अनुसार पलाचन से बड़ा भंगाल के लिए मार्ग का आधा-अधूरा निर्माण किया गया है, जिसमें लाखों के गोलमाल की आशंका है। खोल नाला में क्रेट वर्क व मनरेगा के तहत पनिहालटू में बनाए खच्चर मार्ग के निर्माण में भी गड़बड़ियां पाई गई हैं। इसके अलावा जिन विकास कार्यों के लिए धन स्वीकृत किया गया था, उसे कथित तौर पर अन्य कार्यों पर खर्च किए जाने की बात भी निरीक्षण में पाई गई है। पता चला है कि बड़ा भंगाल से लौटकर जांच टीम अब विकास कार्यों में हुए घपले की रिपोर्ट तैयार करने मेें जुट गई है व 4-5 दिन में जांच रिपोर्ट डीसी को सौंपे जाने की संभावना है।
ग्रामीणों ने की थी जांच की मांग
बड़ा भंगाल निवासी परस राम, मनसा राम, अर्जुन व चमारू राम ने कुछ माह पहले डीसी को शिकायत भेजकर आरोप लगाया था कि पंचायत में मनरेगा व बैकवर्ड एरिया सब प्लान के तहत करवाए विकास कार्योें में लाखों का घपला हुआ है। डीसी ने बीते मई माह में जांच के लिए बैजनाथ विकास खंड के एसडीओ आत्म सिंह की अगुवाई में जांच टीम का गठन किया था। इसमें पंचायत इंस्पेक्टर, कनिष्ठ अभियंता व बड़ा भंगाल के तकनीकी सहायक शामिल थे। वहीं, बड़ा भंगाल पंचायत प्रधान चुनी लाल ने कहा है कि पंचायत में विकास कार्य पूरी पारदर्शिता से हुए हैं।
75 फीसदी कार्यों में गड़बड़ : आत्म सिंह
जांच टीम के प्रमुख एसडीओ आत्म सिंह का कहना है कि बड़ा भंगाल पंचायत में हुए विकास कार्यों की जांच में करीब 75 फीसदी विकास कार्यों में प्रारंभिक तौर पर अनियमितताएं पाई गई हैं। सरकार द्वारा विकास कार्यों के लिए स्वीकृत धन अन्य कार्यों पर लगा दिया गया। वहीं कई विकास कार्य आधे-अधूरे हुए हैं।
