
खराहल (कुल्लू)। कुल्लू जिले के बजौरावासिों का एक ही सवाल है कि बजौरा में आखिर कब प्रस्तावित कृषि कॉलेज खुलेगा? प्रदेश में महज एक कृषि कॉलेज होने के कारण हजारों युवाओं को सीमित सीटें होने के कारण दाखिला नहीं मिल पाता है। परिणामस्वरूप हजारों युवाओं को दाखिले से महरूम रहना पड़ता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि प्रदेश के अस्तित्व के बाद जनसंख्या में बढ़ोतरी होने से केवल एक कृषि कॉलेज युवाओं के लिए पर्याप्त नहीं है। हर साल दस हजार से ज्यादा युवा दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा देते हैं, लेकिन कॉलेज में सीमित सीटें होने के कारण अधिकतर युवाओं की हसरत पूरी नहीं हो पाती है। अब सूबे के अभिभावकों एवं युवाओं ने सियासी दलों से दो टूक कहा है कि कृषि कॉलेज खोलो तभी वोट मिलेगा। कुल्लू के बाला राम ठाकुर, शिक्षाविद चने राम ठाकुर, युवा नेता एवं किसान सभा अध्यक्ष देवराज नेगी ने कहा कि प्रदेश में महज एक-एक कृषि तथा बागवानी कॉलेज होने से हजारों युवाओं को कृषि और बागवानी की शिक्षा ग्रहण करने से वंचित रहना पड़ता है। उन्होंने कहा कि समय के साथ जनसंख्या में इजाफा होने पर बजौरा में कृषि कॉलेज खोलना जरूरी है। युवा अमित, स्वाति, कमल, नितिन, चमन, सौरभ, अखिल तथा प्रिया का कहना हे कि गत वर्ष उन्होंने कृषि कॉलेज और बागवानी कॉलेज में एडमिशन के लिए आवेदन किया था, लेकिन सीमित सीटों के चलते उनको दाखिला नहीं मिल सका। इन युवाओं का कहना है कि हर साल प्रदेश के कृषि कॉलेज में दस हजार से ज्यादा युवा दाखिले के लिए फार्म भरते हैं, लेकिन कम सीटों के कारण सैकड़ों युवाओं को ही दाखिला मिलता है। ऐसे में अब घाटी के लोग तमाम सियासी दलों से मांग कर रहे हैं कि पहले कॉलेज खोलो फिर वोट।
