बजट स्वीकृत नहीं होने पर जताई नाराजगी

बागेश्वर। बागेश्वर-टनकपुर रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति की मासिक बैठक में निर्माण के लिए बजट स्वीकृत नहीं होने पर सख्त नाराजगी जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि इस मार्ग का सर्वे 1912 में हो गया था। तब से लेकर आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
समिति के अध्यक्ष गुंसाई सिंह दफौटी की अध्यक्षता में तहसील परिसर में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि 2010-11 में केंद्र सरकार ने इसे राष्ट्रीय प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया था। लेकिन अभी तक निर्माण के लिए धन स्वीकृत नहीं हुआ है। वक्ताओं ने कहा कि राज्य के लोग बागेश्वर-टनकपुर, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग, रामनगर-चौखटिया और टनकपुर-जौलजीबी रेल मार्ग की मांग एक दशक से कर रहे हैं। लेकिन सरकारें इसे उलझाने में लगी हुई हैं। रेल आने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पलायन पर भी रोक लगेगी। जिले की सीमाएं सीमांत जिलों और उच्च हिमालयी क्षेत्रों से लगी हुई हैं। यहां का विकास भी तभी होगा जब रेल मार्ग निर्माण पूरा होगा। संचालन महामंत्री खड़क राम ने किया। इस मौके पर हयात सिंह मेहता, डुंगर सिंह नगी, मोहन चंद्र जोशी, नर सिंह खेतवाल, गोप राम, लक्ष्मी धर्मशक्तू, राधा नेगी, नीमा दफौटी, पार्वती देवी, गंगा पांडे, आशा कनवाल, गोविंदी देवी, सरस्वती गैलाकोटी, हेमा जोशी, पल्लवी उप्रेती, गिरीश चंद्र पाठक, केवल सिंह ड्योड़ी आदि मौजूद थे।

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