बजट ने रोकी कैडेटों की कदमताल

शिमला। गणतंत्र दिवस परेड में रिज मैदान पर कदमताल कर तिरंगे को सलामी देने की प्रदेश के एनीसीसी कैडेट्स की तमन्ना इस बार पूरी नहीं होगी। यह पहला मौका होगा, जब गणतंत्र दिवस की परेड में एनसीसी की टुकड़ियों की कदमताल नहीं होगी। बजट न मिलने के कारण इस बार राज्य आरडी कैंप ही नहीं लगा। यह हर साल 17 से 27 जनवरी तक लगता था। इस बार प्रदेश के स्कूलों, कॉलेजों और आईटीआई के एनसीसी कैडेटों का परेड में हिस्सा लेनेे का सपना अब शायद ही पूरा हो। हालांकि, राष्ट्रीय आरडी कैंप को चुने गए कैडेट्स दिल्ली चले गए हैं, मगर राज्य आरडी कैंप शुरू ही नहीं हो पाया है। हर साल कैंप के लिए प्रदेश भर से 80 कै डेट्स की दो टुकड़ियों (गर्ल्स और ब्वॉयज) का चयन किया जाता है। इसमें 45 कैडेट गणतंत्र दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में होने वाली परेड को चुने जाते हैं। उधर, प्रदेश एनसीसी अधिकारी कल्याण संघ के अध्यक्ष अशोक शर्मा और महासचिव शंकरलाल ठाकुर ने स्टेट आरडी कैंप को बजट न दिए जाने पर कड़ा रोष जताया है। उन्होंने कहा कि कैंप न होने से हजारों छात्रों के हाथ से राज्य स्तरीय समारोह में परेड करने का मौका निकल गया।

इस बार नहीं मिला बजट : नेगी
7 एचपी एनसीसी कंपनी शिमला के सीनियर जेसीओ सूबेदार श्याम लाल नेगी ने माना कि इस बार स्टेट आरडी कैंप को बजट नहीं आया है। यही वजह है कि कैंप नहीं लगा। दस दिन के कैंप में प्रदेश भर से चुने कैडेट अभ्यास करते हैं। इस पर करीब 55 हजार खर्च आता है। इस कैंप के आधार पर अगले वर्ष के लिए कैडेट नेशनल आरडी कैंप को चुने जाते हैं। कैंप के लिए स्टेट और सेंटर का 25:75 फीसदी बजट आता है।

कोट
राज्य आरडी कैंप के लिए केंद्र से ही बजट नहीं आया है। इस कारण कैंप नहीं लगा। इस मामले की छानबीन करने के बाद ही कुछ बता पाऊंगा।
-शशिभूषण सेखरी, उच्च शिक्षा निदेशक

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