
बिलासपुर। चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर पर्यटकों व अन्य लोगों को बासी या मिलावटी खाद्य सामग्री परोसकर उनकी सेहत से खिलवाड़ करने वाले ढाबा व भोजनालय संचालकों को ऐसा करना महंगा पड़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने इस तरह की शिकायतों का न केवल कड़ा संज्ञान लिया है, बल्कि कार्रवाई भी शुरू कर दी है। इस कड़ी में शुक्रवार को कई स्थानों पर छापामारी की गई। गुणवत्ताहीन अथवा एक्सपायरी डेट की खाद्य वस्तुएं नष्ट करने के साथ ही दाल-सब्जियों के सेंपल भी भरे गए। इस कार्रवाई से एनएच-21 के किनारे ढाबे चलाने वालाें में हड़कंप मचा रहा। एनएच-21 पर जगह-जगह कई ढाबे व भोजनालय चल रहे हैं। जानकारी के अनुसार इनमें से कई ढाबों पर लोगाें को अच्छा खाना न मिलने की शिकायतें आ रही थीं। इतना ही नहीं कई लोगों ने तो पंजीकरण कराए बगैर ही ढाबे खोल रखे हैं। शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी अतुल कायस्था की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर गंभरोला, कल्लर, छड़ोल व गंभर पुल आदि स्थानाें पर कई भोजनालयाें व ढाबाें पर छापामारी की। कुछ ढाबाें से रिफाइंड व घी जैसे खाद्य पदार्थ एक्सपायरी डेट के मिले, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। टीम ने अलग-अलग स्थानों से चाय, माह की दाल व कढ़ी के सेंपल भी भरे। उन्हें सील करके जांच के लिए कंडाघाट प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अतुल कायस्था के अनुसार कई ढाबा संचालकों ने अभी लाइसेंस तक नहीं बनवाया है। उन्हें लाइसेंस बनवाने के लिए 15 दिनाें की मोहलत दी गई है। सभी ढाबा व भोजनालय संचालकों को हिदायत दी गई है कि वे सफाई के साथ ही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखें। यदि कोई लापरवाही पाई गई तो लाइसेंस रद कर दिया जाएगा। जांच के लिए भेजे जा रहे सेंपलाें में मिलावट पाए जाने पर संबंधित ढाबा संचालकों को जुर्माने व कैद की सजा भुगतनी पड़ सकती है।
