‘बंदूक छोड़कर लोकतांत्रिक तरीका अपनाना होगा’

‘बंदूक छोड़कर लोकतांत्रिक तरीका अपनाना होगा’

छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सभी दलों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर नौजवानों को बंदूक छोड़ लोकतांत्रिक रास्ता अपनाने को कहा। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अगुवाई में हुई इस बैठक में सरकार ने वादा किया कि वह नौजवानों में व्याप्त अन्याय की भावना को संवेदनशीलता के साथ देखेगी, लेकिन इसके लिए उन्हें बंदूक छोड़कर लोकतांत्रिक तरीका अपनाना होगा।

छत्तीसगढ़ में कांग्रेसी नेताओं पर हमले को अति गंभीर वाकया बताते हुए प्रधानमंत्री ने सभी दलों से इस चुनौती से निबटने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर पहली बार इस तरह हमला किया गया है। यह देश के लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा आघात है।

सरकार इस हिंसक तरीके को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी। बैठक में पारित प्रस्ताव में सीपी आई (माओवाद) को गैर कानूनी संगठन करार देते हुए उसके लक्ष्य को सबसे खतरनाक बताया गया। बैठक की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर नक्सलियों के डर और आतंक के चलते राजनीतिक गतिविधियों पर अंकुश लगा तो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था चरमरा जाएगी।

प्रस्ताव के मुताबिक देश के लिए सीपीआई (माओवाद) की हिंसक तरीके से सत्ता हासिल करने के लक्ष्य से खतरनाक कुछ भी नहीं हो सकता। प्रधानमंत्री ने नक्सल समस्या के निबटने के लिए सरकार की दोहरी नीति का ब्यौरा भी दिया।

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