
चंबा। राष्ट्रीय भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत निदेशक भू अभिलेख और एनआईसी के सौजन्य से भू अभिलेख प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस तीन दिवसीय कार्यशाला में पहुंचे निदेशक भू अभिलेख देवर सिंह नेगी ने बताया कि इस योजना के तहत प्रदेश के सिरमौर और चंबा जिला को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है। उन्होंने कहा कि यहां से बेहतर परिणाम आने पर अन्य जिलों में भी भू अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम को आरंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे राजस्व विभाग के कार्यों में तेजी आएगी और लोगों के समय की बचत होगी। उपायुक्त संदीप कदम ने बताया कि लोगों को अब नक्शा, तमीम, जमाबंदी, परिवार नकल या अन्य भूमि संबंधी दस्तावेजों को प्राप्त करने के लिए बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि समस्त जमाबंदी का रिकार्ड आनलाइन किया जा रहा है। केवल खसरा नंबर बताकर खतूनी और अन्य जमीनी दस्तावेजों को तत्काल उपलब्ध करवा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले चरण में जिला के होली, भलेई और पांगी क्षेत्र का कार्य पूर्ण हो चुका है। अन्य पंचायतों का रिकार्ड आधुनिकीकरण के लिए तैयार किया जा रहा है। जिला भर की 11 हजार 479 मुसाबियों की स्क्र ीनिंग पूर्ण हो चुकी है। अब एक क्लिक से राजस्व भू रिकार्ड प्राप्त करने की सहूलियत मिल जाएगी। इस मौके पर एनआईसी के प्रभारी आशीष शर्मा व नायब तहसीलदार विशेष रूप से मौजूद रहे
