
दुगड्डा। गढ़वाल राइफल की 11 वीं बटालियन के सैनिक अजय रावत की मौत का पुलिस सात दिन बाद भी सुराग नहीं लगा पाई है। हालांकि परिवार वालों ने पुलिस को कुछ सुराग बताए भी थे। जिसके आधार पर पुलिस ने एक युवती और उसके सहयोगी के विरुद्ध अभियोग दर्ज किया है।
दुगड्डा- फतेहपुर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग 534 के निकट सिलगाड़ नदी के तट तीन अगस्त को रेगूलर पुलिस ने एक युवक की लाश बरामद की थी। कलढुंगा के गोदाबंर सिंह रावत ने उसकी शिनाख्त की। शव से अजय का परिचय पत्र भी मिला था। जुलाई 23 को कोटद्वार से उसे अपनी यूनिट को जाना था, लेकिन वह यूनिट में नहीं पहुंचा। उसके परिजनों को उसकी लाश मिली। फौजी की मौत का मामला साजिश मानी जा रही है। उसके एटीएम से पैसा भी निकाला गया है। अजय की मौत के बाद उसकी मित्र का फोन पर घटना स्थल का जिक्र करना संदेह कर रहा है। उसका मोबाइल फोन गायब होना और सूटकेस सैनिक विश्राम गृह में पाया जाना भी गंभीर मामला है। वहीं अजय के शव से एक पैर का जूता गायब होना, सिर के पृष्ठ भाग में जख्म होना तथा शव बरामदगी वाले स्थान के समीप महत्वपूर्ण साक्ष्य पडे़ होना भी प्रकरण में संलिप्त आरोपियों तक पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
