फोरलेन सड़क निर्माण में अड़ंगा

कंदरौर (बिलासपुर)। हजारों करोड़ रुपये के महत्वाकांक्षी कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन हाइवे के निर्माण में ग्रामीणों ने अड़ंगा लगा दिया है। अपनी पुश्तैनी जमीन की कम कीमत मिलने पर बिफरे ग्रामीण उग्र हो गए हैं। पलथीं और दड़याणा गांव के ग्रामीणों ने जमीन की कम कीमत मिलने का विरोध जताते हुए जिला प्रशासन के नोटिस लेने से इंकार कर दिया है। अब भू-अधिग्रहण विभाग और फोरलेन सड़क निर्माण करने वाली कंपनी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ग्रामीण कम से कम 60 लाख रुपये बीघा में ही जमीन का कब्जा छोड़ने पर अड़े हुए हैं।
मौके पर पहुंचे संबंधित विभाग के अधिकारियों ने लोगों को समझाने का भी प्रयास किया लेकिन प्रभावित नहीं माने। अमरपुर पटवार सर्कल के पनौल गांव का औसत मूल्य 38:50 लाख प्रति बीघा है। गत माह पूर्व भूमि का मूल्यांकन करने पहुंची भूमि-अधिग्रहण अधिकारी को स्थानीय लोगों ने इस बारे में जानकारी दी थी। इस मूल्य के आधार पर करवाई गई रजिस्ट्री भी लोगों ने दी थी। लोगों का कहना है कि पलथीं, दड़याणा, औहर एवं भंजवाणी की भूमि की गुणवत्ता पूरे जिले में सर्वश्रेष्ठ है। यहां की भूमि एनएच के साथ लगती है।
लोगों ने बताया कि गांव में बोरवेल लगाए हैं जिससे लोग अपनी भूमि समय-समय पर सिंचित करते आए हैं। बलोह गांव के भूमि का दाम 34 लाख रुपये लगाया गया है तो औहर की भूमि का मूल्य 18 लाख कैसे हो सकता है। ग्रामीणों ने कहा कि राजस्व विभाग और फोरलेन से संबंधित कंपनी के अधिकारी मौके पर आकर निरीक्षण कर नए सिरे से मूल्य तय करें। कम से कम 60 लाख रुपये मूल्य मिला तो ही वह अपनी जमीन देंगे। इसके अलावा जमीन में लगे पेड़ों की कीमत भी ग्रामीणों ने दस गुना ज्यादा मांगी है।
इस मौके पर औहर पंचायत के उप प्रधान दीप चंद, पूर्व प्रधान राम प्रकाश, पूर्व प्रधान मुंशी राम गुप्ता, ओंकार, अमित शर्मा, धर्मदास, बिहारी लाल, जमना दास, गुरदेव, रामचंद, दिनेश कुमार, प्रेम लाल, ज्ञान चंद, नानक चंद, जगदीश, चुनी लाल, प्रेम लाल, प्रकाश के अलावा कई ग्रामीण मौजूद थे।

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