फीस बढ़ोतरी के खिलाफ सुलगी चिंगारी, प्रदर्शन

ABVP, SFI and NSUI protest expressed by
विश्वविद्यालय और प्रदेश भर के कॉलेजों में फीस बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही धरने-प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया। चुनावी सीजन में लिए इस फैसले ने छात्र संगठनों को बैठे बिठाए एक बड़ा मुद्दा दे दिया है।

हालांकि, विवि के कुलपति सहित तमाम अधिकारी इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं, मगर उनकी चुप्पी से साफ है कि फीस बढ़ेगी। कितनी बढ़ेगी, इस पर एचपीयू वेट एंड वाच की स्थिति बनाए हुए है। विवि प्रशासन छात्रों के विरोध की हद का अंदाजा लगाने के बाद ही दरों को लेकर स्थिति साफ करेगा।

एसएफआई और एबीवीपी ने शिमला सहित दर्जनों कॉलेजों और विवि में प्रदर्शन किया। इस पर आगामी रणनीति भी बनाई जा रही है। एनएसयूआई ने भी इस फैसले के विरोध में बैठकें कीं।

एसएफआई का 55 कॉलेजों में प्रदर्श

SFI's protest in 55 colleges
एसएफआई के राज्य सचिव मनीष शर्मा, सह सचिव पुनीत धांटा ने कहा कि फीस बढ़ोतरी के विरोध में वीरवार को सभी जिला मुख्यालयों के कॉलेजों और 43 अन्य कॉलेजों में धरने प्रदर्शन किए गए।

एचपीयू में रैली और प्रदर्शन किया गया। फीस बढ़ोतरी और सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ आने वाले समय में पूर्ण शिक्षा बंद किया जाएगा और आंदोलन को उग्र बनाया जाएगा।

उन्होंने ईसी को विवि और छात्र व शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के फैसले लेने के बजाया प्रदेश की सत्तासीन सरकारों के एजेंडे को लागू करने वाली संस्था बनने का आरोप लगाया

ABVP protest  more than 50 colleges

एबीवीपी के राज्य सह मंत्री नवनीत कौशल, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कौल नेगी ने बताया कि फीस बढ़ोतरी और रूसा के खिलाफ वीरवार को 50 से अधिक कॉलेजों में धरने प्रदर्शन किए गए।

विश्वविद्यालय में कुल सचिव का घेराव किया गया। आने वाले समय में आंदोलन और उग्र कर आठ अगस्त को विधानसभा का घेराव किया जाएगा।

राज्यपाल, शिक्षा सचिव, शिक्षा निदेशक के समक्ष मामला उठाकर दोनों फैसलों को वापस लेने की मांग की जाएगी। शुक्रवार को कॉलेजों में मानव शृंखला बनाकर विरोध जताया जाएगा।

एनएसयूआई ने भी किया प्रदर्शन

NSUI also protest
एनएसयूआई के राज्य अध्यक्ष रिंपल चौधरी और महासचिव अरविंद धीमान के मुताबिक वीरवार को एक दर्जन कॉलेजों की इकाइयों ने प्राचार्यों को फीस बढ़ोतरी का फैसला लेने को लेकर मांग पत्र सौंपा।

शुक्रवार को प्रदेश भर में धरने प्रदर्शन होंगे। वीरवार को विश्वविद्यालय इकाई ने फैसला वापस लेने की मांग को लेकर कुलपति से मुलाकात की और चेताया कि यदि फैसला न बदला तो आने वाले समय में प्रदेश भर में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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