फीडर की देखरेख का काम ठेकेदार को न दिया जाए

चंपावत। चल्थी और सूखीढांग क्षेत्र की बिजली सप्लाई सामान्य करने तथा फीडर की देखरेख का काम ठेकेदारी प्रथा से अलग करने की मांग को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने अधिशासी अभियंता को ज्ञापन दिया है। बनलेख से सूखीढांग तक दर्जनों गांवों में पिछले पांच दिन से बिजली सप्लाई भंग है। लोग पिछले एक माह से रोज बिजली का संकट झेल रहे थे। अब समस्या में सुधार के बजाए सप्लाई पूरी तरह भंग हो गई है।
चल्थी, सूखीढांग क्षेत्र की करीब 50 ग्राम पंचायतों को बिजली की सप्लाई चंपावत से की जाती है। वितरण के लिए चल्थी में अलग से फीडर लगाया गया है। फीडर की देखरेख का काम विभाग ने ठेकेदार को सौंप रखा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि ठेकेदार के पास लाइन में आने वाली खराबी दूर करने के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है। क्षेत्र के लोगों की मांग है कि चल्थी फीडर से ठेकेदारी प्रथा समाप्त की जाए और अमोड़ी में 33 केवी का सब स्टेशन स्थापित किया जाए। अधिशासी अभियंता सीएस बसनेत ने लोगों को बताया कि चल्थी फीडर के एक टावर में पेड़ गिरने से यह समस्या पैदा हुई है। टावर की मरम्मत का काम जल्दी शुरू किया जाएगा। उन्होंने लोगों की समस्या शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
ज्ञापन देने वालों में उपेक्षित क्षेत्र विकास महासंघ की अध्यक्ष हेमा कनवाल, महामंत्री शंकर जोशी, प्रधान सीता देवी, हरीश पाठक, दयाकिशन जोशी, पुष्कर दत्त, संदीप समेत तमाम लोग शामिल थे।

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