फिर लटक गया जाखू रोप वे, करना होगा इंतजार

केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से नहीं मिली मंजूरी
पहाड़ों की रानी शिमला की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचने के लिए तैयार हो रहा बहु प्रतीक्षित जाखू रोप वे प्रोजेक्ट पर पर्यावरण क्लीयरेंस न मिलने के कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा है।

केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जाखू रोप वे को क्लीयरेंस मिलनी है। हालांकि प्रदेश सरकार ने कैबिनेट बैठक में रोप वे को नगर निगम अधिनियम के नियमों में विशेष छूट दी है। बावजूद इसके रोप वे प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा।

रोप वे का निर्माण कर रही कंपनी का कहना है कि क्लीयरेंस मिलने के बाद ही रोप वे प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जा सकता है। राजधानी को शहर की सबसे ऊंची चोटी जाखू से जोड़ने के लिए बनाया जा रहा रोप वे प्रोजेक्ट अंतिम चरण में है।

पेड़ों के ऊपर से गुजरेगा रोप वे

पेड़ों के ऊपर से गुजरेगा रोप वे
प्रोजेक्ट के लिए जोधा निवास में लोअर टर्मिनल और जाखू मंदिर के पास अपर टर्मिनल बनाया जा चुका है। लोअर टर्मिनल की ऊंचाई बढ़ाने के लिए अतिरिक्त मंजिलों के निर्माण को लेकर कैबिनेट ने विशेष मंजूरी दी है। बावजूद इसके प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पा रहा।

केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को रोप वे से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को लेकर आपत्ति है। इसकी वजह यह है कि रोप वे हरे भरे पेड़ों के ऊपर से होकर गुजरेगा।

जाखू रोप वे का निर्माण कर रही कंपनी के कामर्शियल मैनेजर केके हलदार ने बताया कि इन्वायरनमेंट क्लीयरेंस न मिलने के कारण रोप वे का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। क्लीयरेंस मिलते ही तुरंत काम शुरू कर दिया जाएगा।

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