
रामनगर। वीरपुरलच्छी गांव में स्टोन क्रशर स्वामी और ग्रामीणों के बीच चार माह पूर्व हुए विवाद में बीती रात एक ग्रामीण की गिरफ्तारी से भड़के सैकड़ों लोगों ने रविवार को कोतवाली घेर प्रदर्शन किया। बाद में पकड़े गए ग्रामीण को कोतवाली से जमानत मिलने पर पर ग्रामीणों ने उसका माल्यापर्ण कर नगर में जुलूस निकाला।
इसी साल एक मई को ढिल्लन स्टोन क्रशर पर चलने वाले डंपरों को रोकने की मांग कर रहे ग्रामीणों के साथ स्टोन क्रशर स्वामी का झगड़ा हो गया था। आरोप है कि ग्रामीणों की झोपड़िया को फूंकते हुए उन पर फायरिंग की गई। ग्रामीणों ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में क्रशर स्वामी ने भी ग्रामीणों को नामजद करते हुए मुकदमा लिखाया।
जांच अधिकारी सीओ प्रमोद कुमार ने ग्रामीणों पर लगी धारा 307 हटा दी थी, जिस पर वादी के एतराज के बाद डीआईजी के आदेश पर जांच अधिकारी सीओ बाजपुर बनाए गए। बीती 6 सितंबर को स्थानीय पुलिस को ग्रामीण सरजीत की गिरफ्तारी का वारंट जारी हुआ था। वारंट के आधार पर पुलिस ने सरजीत को वीरपुरलच्छी गांव से उठा लिया। जानकारी मिलने पर रविवार सुबह सैंकड़ों ग्रामीण कोतवाली घेरकर बैठ गए। आरोप लगाया कि पुलिस टीम क्रशर मालिक के साथ मिली है। सीओ प्रमोद कुमार कोतवाली पहुंचे तो बाद पकड़े गये ग्रामीण युवक का पुलिस ने मेडिकल कराया और उसे जमानत दे दी। ग्रामीणों का कहना है कि क्रशर स्वामी के प्रभाव में जांच अधिकारी ने ग्रामीणों को फंसाने की नियत से फर्जी जांच की है। तीन दिन के भीतर जांच बाजपुर सीओ से वापस लेकर स्थानीय सीओ प्रमोद कुमार को न दिए जाने पर डीआईजी कार्यालय में प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है। कोतवाली घेराव में राम सिंह, सुनीता, लीला देवी, मुनीष कुमार, प्रभात ध्यानी, तारा देवी, पुष्पा पानू, कमला देवी, सरस्वती देवी, शाकुंतला देवी आदि शामिल थे।
