
रोनहाट/नौहराधार/सराहां (सिरमौर)। बारिश और बर्फबारी से जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जनजीवन ठहर गया है। कई इलाकों में बत्ती गुल है। लोग अंधेरे में हैं। फसलों पर ओलावृष्टि का कहर टूटा है। स्कूल जाने वाले छात्र परेशान हैं। जिले में एक बार फिर से शीतलहर दौड़ गई है। विद्युत उपमंडल शिलाई के लाधी जोन कांडो भटनोल, शिरी क्यारी, सखोली, नैनीधार, द्राबिल, रास्त, झकांडो पंचायत में वीरवार रात से बिजली ठप है। आपूर्ति बंद होने से 30 गांवों के लोग परेशान हैं। ग्रामीणों को मोमबत्ती से गुजारा चलाना पड़ा। क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है। शुक्रवार को दिन भर जहां मौसम खराब रहा वहीं लगातार बारिश भी होती रही। बिजली गुल रहने से यहां स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आगामी मार्च माह से क्षेत्र के कई स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। स्कूली बच्चों को परीक्षा की तैयारी करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण भीम सिंह, राम भज, दलीप ठाकुर, सुरेश कुमार, बलबीर ठाकुर, वीर सिंह, भूप सिंह, नवयुवक मंडल अध्यक्ष नैनीधार पूर्ण सिंह ठाकुर ने बताया कि बिजली गुल रहने की शिकायत शिलाई कार्यालय को की गई है। शुक्रवार दोपहर तक भी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। उधर, इस संबंध में शिलाई विद्युत बोर्ड के सहायक अभियंता शमशेर सिंह ने बताया कि झकांडो से नैनीधार के बीच विद्युत लाइन में तकनीकी फाल्ट आया है। कर्मचारियों को लाइन ठीक करने के आदेश दे दिए गए हैं।
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नौहराधार सहित कई क्षेत्रों में अंधेरा
नौहराधार (सिरमौर)। रेणुका विधानसभा क्षेत्र की ऊंचाई वाली पंचायतों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। यहां कई इलाकाें में पिछले 12 घंटों से बत्ती गुल है। नौहराधार, हरिपुरधार, संगड़ाह, लाणा चेता, देवामानल एवं गत्ताधार जैसे इलाकों में वीरवार देर रात 11 बजे से बिजली गुल है। यहां तेज हवाओं के चलने से बिजली आपूर्ति की लाइनों में ट्रिपिंग होने का समाचार मिला है। यही नहीं क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक सरकारी कार्यालयों में भी बिना बिजली के कामकाज प्रभावित हुआ है। आईपीएच विभाग के वरिष्ठ सहायक रामलाल, कृषि विभाग के प्रवीण कुमार, उद्यान विभाग के चंद्रसेन शर्मा, लोनिवि के वरिष्ठ सहायक भूपाल सिंह का कहना है कि बिजली गुल होने से कामकाज निपटाने में उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विद्युत उपमंडल चाढ़ना के सहायक अभियंता बीआर भारद्वाज ने बताया कि लगातार वर्षा के चलते विद्युत कर्मियों को लाइनें जोड़ने में दिक्कत हो रही है।
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बर्फ से ढकी चूड़धार की चोटियां
40 पंचायतों में कड़ाके की ठंड
नौहराधार (सिरमौर)। चूड़धार से लेकर हरिपुरधार, नौहराधार एवं बोगधार क्षेत्रों में वीरवार देर रात 11 बजे से लगातार बारिश हो रही है। रेणुका विधानसभा क्षेत्र की 40 पंचायतों में जनजीवन ठहर गया है। ऊंची चोटी चूड़धार एवं मंदिर परिसर में बीते दो दिनों में ही 3-4 फुट तक बर्फबारी हो चुकी है। चूड़धार मंदिर परिसर से स्वामी कमलानंद जी महाराज ने बताया है कि पूरे चूड़धार परिसर में अभी तक सीजन की कुल 12 फुट तक बर्फबारी हो चुकी है। उजागर सिंह, रतन सिंह, मोहन लाल, ज्ञान चंद, विजेंद्र, अतर सिंह का कहना है कि स्कूली बच्चों के लिए मौसम ने बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। लगातार बारिश के चलते व्यापारी, दुकानदार, किसान एवं बागवान अपने घरों अथवा दुकानों में दुबके हैं। ठंड बढ़ने से आम जीवन प्रभावित हुआ है। तेज हवाओं के साथ कई क्षेत्रों में आसमानी बिजली कड़क रही है। राहत देने वाली बात यह है कि चूड़धार से सटे निचले इलाकों में अभी वर्षा के चलते बर्फबारी नहीं हो रही। जिसके चलते पूर्व में बर्फबारी के चलते बंद हुए आधा दर्जन मार्ग शुक्रवार देर शाम तक आवाजाही के लिए पूरी तरह से बहाल थे।
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क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों में नहीं पहुंचे छात्र
शीतकालीन सत्र का अवकाश पूरा होने के बाद नौहरा शिक्षा खंड के अधीन आने वाले तकरीब 100 स्कूल वीरवार को खुल चुके थे। मगर मौसम खराब रहने के चलते शुक्रवार को पूरे इलाके के स्कूलों में लगभग 80-85 फीसदी छात्र स्कूल नहीं पहुंच पाए। खंड शिक्षा अधिकारी नौहरा, रविंद्र चौहान ने बताया कि इलाके में भीषण ठंड के साथ तेज हवाएं चल रही हैं। शुक्रवार को 5 से 10 फीसदी बच्चे स्कूल पहुंच पाए।
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फसलों पर कहर बन टूटी ओलावृष्टि
सराहां (सिरमौर)। क्षेत्र में मौसम बिगड़ने से शुक्रवार तड़के कई इलाकों में ओलावृष्टि हुई। अचानक हुई ओलावृष्टि से दर्जनों नगदी फसलों को नुकसान पहुंचा है। पच्छाद क्षेत्र के किसानों को बीते दिन देर रात से हो रही बारिश से जहां फसलों की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद जगी है। वहीं कुछ क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि से किसानों को भारी मायूसी हाथ लगी है। डिंगर-किन्नर, मानगढ़, वासनी, चमेंजी, नेरी नावण, दाड़ो देवरिया, धारटिक्करी में ओलावृष्टि का व्यापक असर पड़ा है। किसानों ने बड़ी मात्रा में मटर, गोभी, लहसुन, प्याज, तुड़िया की बिजाई की हुई है। किसान रमेश कुमार, राजेश कुमार, प्रकाश दत्त, सुखचैन सिंह, भरत सिंह, नरपत सिंह, खेम सिंह, लायक राम, डिंगर किन्नर पंचायत प्रधान आशा ठाकुर आदि ने बताया कि क्षेत्र में बारिश तो हुई लेकिन ओलावृष्टि ने कई फसलों को नुकसान पहुंचाया है। कृषि विभाग के एडीओ पच्छाद डा. राजकुमार ने बताया कि क्षेत्र में ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है उन्हें इसकी सूचना मिली है।
