फास्ट ट्रैक क्लीयरेंस की मंजूरी, पढ़ें- कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले

चंडीगढ़

कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)

नई इकाईयों के लिए जरूरी मंजूरियां अब तय समय में दी जाएंगी
मोहाली फोरेंसिक लैब में तीन नई इकाइयों की होगी स्थापना

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) पर रेगुलेटरी बोझ को कम करने के लिए कैबिनेट ने सोमवार को पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट, 2020 की शर्तों के तहत पंजाब बिजनेस रुल्स, 2020 को मंजूरी दे दी, जिससे राज्य में एमएसएमई की स्थापना में तेजी लाने का रास्ता साफ हो गया है।
नोटिफिकेशन वापस, छुट्टी के दिन भी काम पर बुला सकती हैं औद्योगिक इकाइयां
कैबिनेट ने एक अन्य फैसले में पंजाब में सभी एमएसएमई औद्योगिक इकाइयों को स्टैंडिंग ऑर्डर की लाजिमी सर्टिफिकेशन और निरंतर प्रक्रिया में लगी औद्योगिक इकाइयों को अपने कर्मचारियों को छुट्टी वाले दिनों के दौरान तैनात करने से छूट देते हुए औद्योगिक रोजगार (स्टैंडिंग ऑर्डर) एक्ट, 1946 के तहत नोटिफिकेशन वापस लेने को मंजूरी दे दी है।

औद्योगिक रोजगार (स्टैंडिंग आर्डर) एक्ट, 1946 के शर्त के अनुसार, मालिक अगर 20 या इससे अधिक कर्मचारियों को काम पर रखते हैं तो उनको स्टैंडिंग ऑर्डर प्रमाणित करवाने होंगे। मालिक पर पालन का बोझ घटाने के लिए 20 मजदूरों की इस सीमा को 100 मजदूरों तक बढ़ा दिया गया है, जैसे कि औद्योगिक रोजगार (स्टैंडिंग ऑर्डर) एक्ट, 1946 में परिकल्पना की गई थी। स्टैंडिंग ऑर्डर की सर्टीफिकेशन की जरूरत को खत्म कर दिया गया है और उन पर मॉडल स्टैंडिंग ऑर्डर लागू किए गए हैं।

पाक्सो व महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के जल्द निपटारे का रास्ता साफ
पाक्सो एक्ट और महिलाओं के विरुद्ध अपराध के मामलों के जल्द निपटारे के लिए पंजाब कैबिनेट ने फॉरेंसिक सांइंस लैबोरेटरी एसएएस नगर (मोहाली) में डीएनए, साइबर फॉरेंसिक और ऑडियो/आवाज विश्लेषण की तीन नई इकाइयां स्थापित करने के लिए 1.56 करोड़ रुपये सालाना की लागत के साथ 35 पद सृजित करने की मंजूरी दे दी है।

मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि सीआरपीसी की संशोधित धारा 173 के अनुसार, यौन अपराध के मामलों की सुनवाई दो महीनों के अंदर मुकम्मल की जानी चाहिए। यौन अपराध के सभी मामलों के लिए डीएनए का नमूना लेना और टेस्ट करना भी लाजिमी कर दिया गया है। इन आदेशों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में कैबिनेट ने डीएनए यूनिट की संख्या एक से बढ़ाकर दो करते हुए स्टेट फोरेंसिक लैब में डीएनए यूनिट को मजबूत करने के गृह विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

अभी अन्य लैब से कराई जाती है साइबर फॉरेंसिक और आवाज की जांच
मौजूदा समय में साइबर फॉरेंसिक और ऑडियो/आवाज विश्लेषण के मामलों को अन्य वैज्ञानिक लैब में जांच के लिए भेजा जाता है, क्योंकि स्टेट फॉरेंसिक लैब में जांच की कोई सुविधा नहीं है। कैबिनेट की मंजूरी से अब साइबर फॉरेंसिक और ऑडियो /आवाज विश्लेषण की एक इकाई एसएएस नगर (मोहाली) में प्रत्येक फॉरेंसिक विज्ञान लैब में स्थापित की जाएगी। इन तीनों नई इकाइयों में कंप्यूटर ऑपरेटरों से लेकर सहायक डायरेक्टर स्तर तक 35 नए पद शामिल हैं और इस काम के लिए सालाना वित्तीय देनदारी 1,15,95,932 रुपये होगी।

तीनों नई यूनिटों के लिए पदों का निर्धारण
पदों के बारे में विस्तार से बताते हुए प्रवक्ता ने कहा कि कैबिनेट ने डीएनए यूनिट के लिए 17 पदों को मंजूरी दे दी है, जिनमें एक सहायक डायरेक्टर वैज्ञानिक अधिकारी और वैज्ञानिक सहायक की चार-चार, तीन प्रयोगशाला सहायक, चार प्रयोगशाला अटेंडेंट और एक कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल है। कैबिनेट ने साइबर फॉरेंसिक यूनिट के लिए 12 पदों को मंजूरी दी है, जिनमें एक सहायक डायरेक्टर, वैज्ञानिक अधिकारी और वैज्ञानिक सहायक के दो-दो, प्रयोगशाला सहायक और प्रयोगशाला अटेंडेंट के तीन-तीन और एक कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल है। कैबिनेट ने ऑडियो /आवाज विश्लेषण इकाई के लिए छह पदों को मंजूरी दे दी है, जिनमें एक वैज्ञानिक अधिकारी, दो वैज्ञानिक सहायक, एक प्रयोगशाला सहायक, एक प्रयोगशाला अटेंडेंट और एक कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल है।

उद्यमियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट की अवधि बढ़ी
कोरोना में उद्यमियों को  राहत देने के लिए कैबिनेट ने सोमवार को राज्य औद्योगिक विकास निगम (पीएसआईडीसी) और पंजाब वित्त निगम (पीएफसी) के प्रति उनके बकाए का एकमुश्त निपटारा स्कीम (ओटीएस) को 31 दिसंबर, 2020 तक बढ़ाने का फैसला लिया है। सीएम ने कहा कि इस कदम से राज्य में मौजूदा उद्योगों के पुनर्जीवन में सहायता मिलेगी। कर्जे से संबंधित मुकदमेबाजी घटाने में भी मदद मिलेगी। केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा रिजर्व बैंक आफ इंडिया को कर्जे की किस्तों की अदायगी छह महीनों के लिए टालने संबंधी पहले ही निर्देश जारी किये जा चुके हैं। हालांकि देरी से भुगतान के समय का ब्याज वसूला जा रहा है।

ओटीएस नीति के अन्य नियम भी सुधारे
मीटिंग के बाद सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि ओटीएस नीति-2018 की मियाद 5 मार्च, 2019 को समाप्त होने के बाद इक्वटी और लोन के बारे में ओटीएस के लिए प्राप्त आवेदनों को कार्य बाद मंजूरी देते हुए कैबिनेट ने पुन: अदायगी की आखिरी तारीख को दो साल से बढ़ाकर ढाई साल कर दिया है। कैबिनेट मीटिंग में यह भी फैसला लिया गया कि नीति के अन्य नियमों और शर्तों के क्लॉज चार (1), जो कहता है कि ‘अगर छह महीनों से अधिक समय तक अदायगी नहीं की जाती तो ओटीएस रद्द कर दी जाएगी’ को ‘नौ महीनों से अधिक समय तक डिफॉल्टर रहने पर ओटीएस को रद्द कर दिया जाए’ के अनुसार सुधारा जाना चाहिए। इसके अलावा एक किस्त के डिफाल्ट होने पर जुर्माने के तौर पर ब्याज नहीं लिया जाएगा। भुगतान में विफल रहने पर यदि कोई निगम ओटीएस नीति रद्द कर देती है तो बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मंजूरी से कुल बकाया रकम समेत ब्याज मिलने के बाद ओटीएस नीति को फिर से लागू किया जाएगा।

 

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