

केमिकल के मिसयूज से बनाईं टेबलेट
पढ़ें, फार्मा कंपनी में चल रहा था ड्रग्स का कारोबार!
सर्च वारंट के आधार पर पंजाब पुलिस ने गगरेट के ओयल इलाके में स्थित उद्योग में यह कार्रवाई की है। पंजाब पुलिस का कहना है कि केमिकल के मिसयूज से इन दवाइयों का निर्माण किया गया।
पंजाब के फतेहगढ़ साहिब पुलिस थाना में दर्ज मामले में नामजद इस फैक्टरी के एमडी देवेंद्र शर्मा की भी गिरफ्तारी हुई है। शर्मा का नाम पंजाब के बहुचर्चित ड्रग तस्करी रैकेट से जुड़ा है।

ऊना में फैल रही हैं ड्रग माफिया की जड़ें
पंजाब के पटियाला में तैनात एसएसपी (डिटेक्टिव) जसकिरण जीत सिंह तेजा ने गगरेट की इस फैक्टरी से टेबलेट्स कब्जे में लिए जाने की पुष्टि की है। 2013 में पंजाब में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में देवेंद्र शर्मा भी नामजद हैं।
इस मामले में इससे पहले भी गगरेट के ही एक दवा उद्योग के मालिक सीएल गाबा ने पुलिस तफ्तीश में कबूल किया था कि सिंथेटिक ड्रग के लिए इस्तेमाल किया जाने वाले केमिकल सूडो एफिड्रिन की सप्लाई देवेंद्र शर्मा भी करता था। शर्मा अब तक पुलिस को छकाने में सफल रहा लेकिन अब पुलिस के हत्थे चढ़

टाहलीवाल में पड़ा था छापा
ऊना के एसपी अनुपम शर्मा ने कहा कि देवेंद्र शर्मा की गिरफ्तारी की सूचना देने के बाद पंजाब पुलिस ने दवा उद्योग में दवाइयां भी कब्जे में लीं। पंजाब पुलिस ने पूरी कार्रवाई को लेकर ऊना पुलिस को सूचित किया है।
माहभर पहले पंजाब पुलिस ने टाहलीवाल औद्योगिक क्षेत्र में भी छापा मारा था। जहां से 3.29 क्विंटल सूडो एफिड्रिन पाउडर कब्जे में लिया गया था। पंजाब में गिरफ्तार एक ड्रग माफिया की निशानदेही पर एएसपी तेजा के नेतृत्व में यह कार्रवाई भी हुई थी।
