
मंड (कांगड़ा)। मंड क्षेत्र के बाढ़ प्रभावितों की मुसीबतें थमती नजर नहीं आ रही है। पौंग बांध के फ्लड गेट लगातार सातवें दिन भी करीब छह फुट तक खुले रहे। सोमवार शाम 5 बजे तक फ्लड गेटों से 46 हजार क्यूसिक पानी छोेड़ा जा रहा था, जोकि शाम 6 बजे घटाकर 40 हजार कर दिया गया। इसके साथ ही पौंग बांध का जलस्तर 1378.61 फुट दर्ज किया गया। बावजूद इसके ब्यास दरिया से सटे मंड क्षेत्र की पानी से सबसे ज्यादा प्रभावित रियाली, बेला लुधियाड़चा, बेला ठाकरां, बहादपुर, डूहग, पराल, मंड मियानी, मंड सनौर व हलेड़ इत्यादि गांव में दो से चार फुट तक पानी में डूबे रहे।
इस बीच सहायक आयुक्त एवं बीडीओ फतेहपुर जगन ठाकुर ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित रियाली, बहादपुर व भोग्रवां पंचायतों का दौरा किया। बहादपुर पंचायत के प्रधान राघव पठानिया, रियाली के प्रधान सतपाल, भोग्रवां के प्रधान पुरुषोत्तम सिंह ने प्रभावित ग्रामीणों की समस्याएं बताईं तथा इन गांवों में बिजली की व्यवस्था व बचाव कार्य के लिए किश्तियां मुहैया करवाने की मांग की। फतेहपुर तहसील के अंतर्गत अकेले बहादपुर पटवार सर्कल में ही अब तक 115 हेक्टेयर जमीन फसल समेत तबाह हो चुकी है। जबकि बहादपुर के 27 व डूहग के 3 रिहायशी मकान पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। इन मकानों को खाली करवाकर प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।
इंदौरा तहसील के मंड क्षेत्र की बात करें तो यहां करीब 150 हेक्टेयर जमीन पर मक्की-धान व गन्ने की फसल बर्बाद हो चुकी है। जबकि मंड सनौर, मंड मियानी, पराल व घंडरा इत्यादि गांवों में करीब पांच दर्जन परिवार बेघर हो चुके हैं। प्रशासन की तरफ से फील्ड स्टाफ को बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही बाढ़ से हुई तबाही की सही तस्वीर सामने आ पाएगी। उधर, नायब तहसीलदार फतेहपुर पूर्ण चंद ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था के अलावा किश्तियां मुहैया करवाने के लिए जिला प्रशासन को फैक्स भेजा गया है।
