
झंडूता (बिलासपुर)। वन विभाग का फर्जी परमिट बनाकर खैर की लकड़ी खरीदने का मामला सामने आया है। वन विभाग के फर्जी परमिट पर खैर की लकड़ी खरीद कर एक शख्स दूसरी जगह बेचने का भी काम करता था। इस मामले में पुलिस ने कांगड़ा के राकेश कुमार नामक एक ठेकेदार पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। ठेकेदार फरार बताया जा रहा है। ठेकेदार ने लकड़ी कहां-कहां खरीदी इसकी छानबीन में पुलिस जुट गई है।
सदर थाना के अंतर्गत झंडूता इलाके में एक ठेकेदार ने फर्जी परमिट बनाकर खैर की लकड़ी खरीद डाली। वन विभाग की ही ठेकेदार बताई जा रही कुजैल गांव की पूनम कुमारी ने उसे लकड़ी भी बेच दी। जब इस मामले की रिटर्न आदि भरने के लिए वन विभाग से परमिट बारे जानकारी मांगी। पता चला कि वन विभाग ने राकेश कुमार नामक ऐसे किसी शख्स को परमिट जारी ही नहीं किया है। पूनम ने इस मामले की थाना में शिकायत दर्ज करवाई है। पूनम से ठेकेदार ने कितनी लकड़ी और कितनी कीमत पर ली इसका पता नहीं चल पाया है। किस-किस क्षेत्र में ठेकेदार ने फर्जी परमिट पर लकड़ियां खरीदी। इन तमाम बिंदुओं का ध्यान में रखते हुए पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। पुलिस ने ठेकेदार बताए जा रहे राकेश कुमार नामक ठेकेदार के खिलाफ भादंसं की धारा 420, 470, 120 के तहत मामला दर्ज करते हुए पुलिस ने छानबीन आरंभ कर दी है। ठेकेदार अभी फरार बताया जा रहा है। डीएसपी हेडक्वार्टर प्रताप सिंह ठाकुर ने मामले की पुष्टि की है। पूनम की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा। उधर, डीएफओ बीके बाबू ने बताया कि कांगड़ा से संबंधित ठेकेदार का ऐसा मामला सामने आया है। विभाग ने भी इस बारे पुलिस में शिकायत दी है।
