फर्जी डिग्री शिक्षकों पर कार्रवाई में सुस्ती

शिमला। प्रदेश में भले ही दागी अफसरों को पदों से हटाने के आदेश हाईकोर्ट ने जारी कर दिए हैं, लेकिन सरकारी विभागों में जांच एजेंसी की सिफारिश के बावजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने में सुस्ती बरती जा रही है। हाईकोर्ट के आदेशानुसार सरकार ने चंबा से अधिकारियों को बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रदेश सीआईडी ने हाल ही में शिक्षा विभाग को पत्र लिखा था, इसमें मगध विवि की फर्जी डिग्रियों पर नौकरी कर रहे शिक्षकों की पूरी डिटेल भेजी गई थी। विभाग ने जांच एजेंसी के पत्र मिलने के बाद सभी शिक्षकों की डिग्रियां जांचने के निर्देश तो जिला उपनिदेशकों और प्रिंसिपलों को जारी कर दिए, लेकिन विभागीय स्तर पर इन चार शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया को अमल में नहीं लाया।
सूत्र बताते हैं कि विभाग में सिरमौर जिले में एक प्रिंसिपल और एक स्कूल लेक्चरर के फर्जी डिग्री के मामले में जांच एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपी थी। इसमें इन शिक्षकों पर फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी हासिल करने का आरोप है। इस मामले में पहले भी इन शिक्षकों को निलंबित किया जा चुका है। इसके बाद विभागीय जांच की बजाय इन्हें दोबारा से तैनाती दी गई। इसकी शिकायत विभाग को कई बार पहुंची है, लेकिन अभी तक निलंबन से लेकर विभागीय चार्जशीट नहीं किया गया है। इनके अतिरिक्त अन्य दो मामलों मेें शिक्षकों को निलंबन के बाद दोबारा से तैनाती दे रखी है। स्कूल लेक्चरर के मामले में विभाग की ओर से और स्कूल प्रिंसिपल के मामले में राज्य सचिव की ओर से आगामी कार्रवाई की जानी है।
निदेशक उच्च शिक्षा दिनकर बुराथोकी ने कहा कि फील्ड से रिपोर्ट आने के बाद इन पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शीघ्र ही इस मामले मेें आगामी निर्देश जारी किए जाने हैं।

Related posts