
लखनऊ। आईसीआईसीआई बैंक से फर्जी चेक के जरिए 98 लाख रुपये निकालने वाले जालसाज प्रॉपर्टी डीलर को हजरतगंज पुलिस ने बुधवार को दबोच लिया। पुलिस ने जालसाज की डायमंड कंस्ट्रक्शन कंपनी के बैंक खाते से 50 लाख रुपये भी बरामद किए और खाता सीज करा दिया गया है। पिछले कई महीने से आरोपी की तलाश की जा रही थी।
सीओ हजरतगंज दिनेश यादव के मुताबिक, आईसीआईसीआई के रीजनल बैंक मैनेजर पुष्पराज सिंह ने इस साल 9 जून को हजरतगंज कोतवाली में मामला दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि बाराबंकी में हैदरगढ़ के लाही गांव के प्रॉपर्टी डीलर उमाकांत तिवारी ने फर्जी चेक के जरिए छत्तीसगढ़ के रायपुर की सेवकों पावर कंस्ट्रक्शन कारर्पोरेशन के खाते (016105002501) से 98 लाख रुपये अपनी कम्पनी डायमंड कंस्ट्रक्शन के जानकीपुरम स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एकाउंट (37630200000023) में ट्रांसफर करा लिया। यह भुगतान आईसीआईसीआई बैंक की शालीमार टावर शाखा से किया गया।
हजरतगंज कोतवाली के दरोगा केसी तिवारी ने मामले की विवेचना शुरू की तो पता चला कि पावर कंस्ट्रक्शन कम्पनी के अधिकारी विगोर सिंह ने मड़ियांव इलाके की एक जमीन के लिए उमाकांत से सौदा किया था। एडवांस में विगोर ने 98 लाख रुपये का चेक दिया था। हालांकि सौदा होने से पहले ही उमाकांत ने बैंक में चेक लगाकर अपने खाते में भुगतान करा लिया। उधर, पावर कंस्ट्रक्शन कम्पनी ने विगोर सिंह के बारे में जानकारी होने से ही इनकार कर दिया और चेक को फर्जी बताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिखा। घटना के कई महीने बाद बुधवार को पुलिस ने हजरतगंज इलाके से आरोपी प्रॉपर्टी डीलर उमाकांत तिवारी को दबोच लिया। उमाकांत के बैंक एकाउंट से 50 लाख रुपये बरामद हुए और खाता सीज करा दिया गया। अब पुलिस को विगोर सिंह की तलाश है। इस सिलसिले में एक टीम छत्तीसगढ़ जाने की तैयारी कर रही है।
दो बैंककर्मी भी जांच के घेरे में : पुलिस की मानें तो 98 लाख रुपये के चेक का भुगतान कराने में आईसीआईसीआई बैंक के दो कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। विवेचक गहराई से जांच कर रहे हैं और जल्द ही इन कर्मियों की गिरफ्तारी संभव है।
