फरवरी से प्रॉपर्टी टैक्स वसूलेगा एमसी

शिमला। नगर निगम प्रशासन ने नई टैक्स पद्धति यूनिट एरिया मेथड का प्रारूप तैयार कर लिया है। किस इलाके से कितना टैक्स लेना है और उन इलाकों में निगम की ओर से क्या-क्या सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं इसका पूरा विवरण है। तीन जनवरी को नगर निगम का विशेष सदन बुलाया गया है। इस विशेष सदन में टैक्स की दरें लागू करने के लिए जोन और फैक्टर तय किए जाएंगे। विशेष सदन में मंजूरी के बाद टैक्स के प्रारूप पर शहरवासियों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद फरवरी से नगर निगम टैक्स वसूलेगा। आयुक्त अमरजीत सिंह ने कहा है कि विशेष सदन में जोन और फैक्टर तय होंगे।
शहर में क्षेत्रवार दी जा रही सुविधाओं और क्षेत्र की वैल्यू के आधार पर टैक्स लगाया जाएगा। टैक्स की छूट का लाभ उठा रहे सौ वर्ग मीटर भूमि/फ्लैट के मालिक भी अब टैक्स के दायरे में आएंगे। इसके अलावा निगम में शामिल किए गए मर्ज एरिया वार्डों में भी टैक्स लगाया जाएगा। मर्ज एरिया से अभी तक टैक्स नहीं वसूला जा रहा है। यूनिट एरिया मेथड से ऐसे भवन मालिकों पर सबसे अधिक मार पड़ने वाली है, जिनकी संपत्ति की वैल्यू तो करोड़ों में हैं लेकिन मकान से एक पैसे की भी आमदनी नहीं हो रही है या फिर मकान से काफी कम किराया प्राप्त हो रहा है। भवन मालिकों को बिल्ट अप एरिया में एक इंच पर भी टैक्स चुकाना होगा। अवैध निर्माण करने वाले लोग भी यूनिट एरिया मेथड के दायरे में आ गए हैं। नई टैक्स प्रणाली के लागू होने के बाद बिना अनुमति भवन निर्माण करने वाले इन लोगों को भी टैक्स देना पड़ेगा। लेकिन टैक्स देने से यह मकान नियमित नहीं माने जाएंगे। पांच हजार से अधिक लोगों ने शहर में अवैध निर्माण किया है।

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