
शिमला
निजी विश्वविद्यालयों के बाद अब प्रदेश के निजी व्यावसायिक संस्थान (प्रोफेशनल कॉलेज) भी जांच के दायरे में आ गए हैं। हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने इन संस्थानों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के पूर्व प्रति कुलपति प्रो. एनके शारदा की अध्यक्षता में बनी कमेटी हर संस्थान के प्रधानाचार्यों व शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता, शैक्षणिक अनुभव सहित अन्य नियमों की जांच कर रही है। प्रधानाचार्य बनने के लिए जो अनुभव चाहिए क्या वे इनके पास हैं या नहीं। प्रोफेशनल कॉलेज खोलने के लिए भवन, मैदान, आइटी लैब व अन्य चीजें हैं या नहीं। इन संस्थानों के प्रॉस्पेक्टस व वेबसाइट को भी जांचा जा रहा है। आयोग ने दिसंबर से संस्थानों से रिकॉर्ड मांगा था, जो अब आ गया है। प्रारंभिक जांच में कई संस्थानों में अनियमितताएं पाई गई हैं।
कमेटी का कहना है कि जांच में करीब एक या दो माह लगेंगे। जांच प्रक्रिया में डिग्री कॉलेज, तकनीकी, मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रधानाचार्य शामिल किए गए हैं। प्रदेश में 245 के करीब निजी शिक्षण संस्थान हैं। इनमें बीएड, फॉर्मेसी, नर्सिंग, एमसीए, मैनेजमेंट, कानून, इंजीनियरिग, डेंटल, होम्योपैथी जैसे प्रोफेशनल कॉलेज शामिल हैं।
दोबारा मंगवाना पड़ा था रिकॉर्ड
आयोग ने दिसंबर में कॉलेजों से रिकॉर्ड मांगा था। इसमें कई खामियां पाई गई थीं। कमेटी ने संस्थानों को दोबारा पत्र लिखकर रिकॉर्ड मंगवाया। इसे आने में काफी समय लग रहा है। कमेटी प्रधानाचार्यों के दस्तावेज जांचेगी। आयोग के पास सभी निजी कॉलेजों के प्रधानाचार्यों व शिक्षकों की नियुक्ति, शैक्षणिक योग्यता का रिकॉर्ड आ गया है। कमेटी हर पहलू की जांच कर आगामी कार्रवाई करेगी। आयोग की कार्रवाई से कई निजी संस्थानों में हड़कंप मच गया है।
प्रदेश में 100 के करीब प्रोफेशनल कॉलेजों का रिकार्ड आ गया है। कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। रिकॉर्ड ज्यादा है। ऐसे में जांच पूरी करने में काफी समय लगेगा।
-सेवानिवृत्त मेजर जनरल अतुल कौशिक, अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग
