
जोगिंद्रनगर (मंडी)। सीटू से संबंधित ऊहल प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन की मच्छयाल साइट कमेटी के सम्मेलन में खाद्य पदार्थों के बढ़ते दामों पर अंकुश लगाने की मांग की गई। इस अवसर पर सीटू के मंडी जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह, उपप्रधान रविकांत और किसान सभा के राज्य सहसचिव कुशाल भारद्वाज मौजूद रहे।
सम्मेलन का उद्घाटन सीटू जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह की आर्थिक नीतियां लागू की जा रही हैं उससे मजदूरों की परेशानियां बढ़ रही हैं। आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि से मजदूरों और किसानों को जीवन यापन करना मुश्किल हो गया है। ऊहल प्रोजेक्ट में श्रम कानूनों के उल्लंघन के खिलाफ सीटू मजदूरों को लामबंद करते हुए संघर्ष करेगी। कुशाल भारद्वाज ने कहा कि ऊहल प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य में हो रहे विलंब से प्रदेश को करोड़ों अरबों रुपयों का घाटा हो रहा है। इसके लिए सीधे रूप में व्यास वैली पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड और निर्माण कार्यों में लगी कंपनियों के साथ कांग्रेस तथा भाजपा की प्रदेश सरकारें भी बराबर की जिम्मेवार हैं। प्रोजेक्टों में हमेशा मजदूरों का शोषण होता आया है।
उन्होंने कहा कि सुरंग बन जाने के बाद जब निर्माण कार्यों को तेज करने की जरूरत थी, उस वक्त कंपनी ने टेक ऑफ कर दिया। जिसे श्रम विभाग ने भी गैर कानूनी माना है। लेकिन टेक ऑफ के पीरियड का अभी तक भी मजदूरों को वेतन नहीं मिला है। प्रोजेक्ट में दो साल से मजदूरों की लीव सैलरी के बकाया की अदायगी अभी तक नहीं की गई। पीएफ की स्टेटमेंट भी मजदूरों को नहीं दी गई। मजदूरों के शोषण को रोकने के लिए कोई गंभीरता से कदम नहीं उठाया जा रहे। सचिव नारायण ने यूनियन की गतिविधियों की रिपोर्ट पेश की। इस पर सभी सदस्यों ने चर्चा करते हुए अपनी मांगों के संबंध में 21 दिसंबर को कंपनी प्रबंधन को मांगपत्र सौंपने का फैसला लिया। सम्मेलन में 17 सदस्यीय नई साइट कमेटी का चुनाव किया गया। इसमें अशोक कुमार प्रधान, कस्तूरी लाल सचिव, रमेश चंद उप प्रधान, राकेश कुमार सहसचिव, कृष्ण चंद कोषाध्यक्ष और रणजीत सिंह, बीएस राठौर को सलाहाकार चुना गया। नारायण दास, तिलक राज, कमेर सिंह, कश्मीर सिंह, इलाइची प्रसाद, रमेश कुमार, जीत राम, देवा, बलदेव और पवन सेन को कमेटी सदस्य चुना गया।
