प्राकृतिक सौंदर्य भी पर्यटकों को लुभाने में नाकाम

चंपावत। यूं तो कुदरत ने चंपावत जिले में जमकर प्राकृतिक सौंदर्य लुटाया है। लेकिन अपार प्राकृतिक सौंदर्य होने औप चारों तरफ ऐतिहासिक मंदिरों से घिरे चंपावत नगर में पर्यटकों की संख्या बढ़ने के बजाए लगातार कम होती जा रही है। पर्यटन विकास विभाग के पास ढांचागत सुविधाओं की कमी के कारण बीते एक दशक में यहां आने वाले देशी विदेशी पर्यटकों का ग्राफ तेजी से गिरा है। पर्यटकों के ठहरने के लिए सरकारी स्तर पर उचित आवासीय व्यवस्था नहीं होने के साथ ही सड़कों की बदहाली पर्यटन विकास की राह में अवरोध बनी हुई है। उस पर धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों के संबंध में समुचित प्रचार-प्रसार नहीं होने से भी कोढ़ में खाज वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।
अतीत में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक नगरी के नाम से विख्यात चंपावत जिले में वर्तमान में पर्यटन विकास उद्योग के रूप में विकसित नहीं हो पाया है। जिले में बीते एक दशक में विदेशी पर्यटकों की संख्या कम होती जा रही है।
प्रभारी जिला पर्यटन अधिकारी एसएस यादव का कहना है कि विभाग की ओर से देशी और विदेशी पर्यटकों को लुभाने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। उनका कहना है कि चंपावत नगर में पुरातात्विक महत्व के कई मंदिर हैं, जिनके बारे में पर्यटकों को जानकारी देने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा इंटरनेट में भी जिले के पर्यटन स्थलों के संबंध में जानकारियां अपडेट की जा रही हैं।

Related posts