
हल्द्वानी। शिक्षा एवं पेयजल मंत्री मंत्रीप्रसाद नैथानी ने कहा कि प्राइमरी स्कूलों में पठन-पाठन में गुणात्मक सुधार के लिए सरकार ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है। प्राइमरी स्कूल के बच्चों को क्या पढ़ाया जा रहा है, बच्चे कैसे पढ़ रहे हैं, इसके लिए शिक्षकों की जवाबदेही तय की जाएगी। अगले शिक्षा सत्र-2014 से इस विशेष कार्ययोजना को स्कूलों में लागू किया जाएगा।
शिक्षामंत्री श्री नैथानी मंगलवार को यहां श्री महादेव गिरि संस्कृत महाविद्यालय देवलचौड़ में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा, प्रदेश में संस्कृत भाषा के उत्थान के लिए वृहद रूपरेखा तैयार कर कार्य किए जा रहे हैं। कक्षा एक से 12 तक संस्कृत शिक्षा के लिए उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की स्थापना की गई है तथा निदेशालय का ढांचा भी तैयार हो चुका है। शिक्षामंत्री ने बताया कि प्रदेश के प्रत्येक विकास खंड में पांच-पांच संस्कृत प्राथमिक विद्यालय एवं एक-एक उच्चतर माध्यमिक संस्कृत विद्यालय खोले जाएंगे। साथ ही संस्कृत शिक्षकों के पदों का सृजन एवं नियुक्ति भी की जाएगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा में कुमाऊं के पिथौरागढ़ और गढ़वाल मंडल के चमोली, उत्तरकाशी समेत कई स्थानों पर स्कूल भवन जमींदोज हो गए हैं, ऐसे भवनों को पुन: निर्माण करना सरकार की पहली प्राथमिकता है।
