
हल्द्वानी। प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ उत्तराखंड के द्विवार्षिक चुनावों को लेकर कुमाऊं में भी प्रचार जोरों पर है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष मुख्यालय पद के दो उम्मीदवार डा. वीएस जंगपांगी और डा. आरएस चौहान तीन दिन के कुमाऊं दौरे पर बृहस्पतिवार को देहरादून से हल्द्वानी पहुंचे। जहां से वे काशीपुर, अल्मोड़ा, रुद्रपुर,नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के अन्य क्षेत्रों में जाकर प्रचार करेंगे। इस चुनाव के लिए पांच अक्तूबर को प्रदेश भर के डॉक्टर वोटिंग करेंगे।
देहरादून के एडिशनल सीएमओ और अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार डा. जंगपांगी ने बताया कि राज्य में सरकारी डॉक्टरों की कमी को दूर कर जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दिलवाना उनका मुख्य एजेंडा होगा। इसके लिए डॉक्टरों को डीपीसीए के तहत समयबद्घ वेतनमान दिलवाने उनका मुख्य उद्देश्य होगा। ताकि नौजवान डॉक्टरों को सरकारी सेवाओं के लिए प्रेरित किया जा सके। राज्य में 2400 पदों के सापेक्ष वर्तमान में महज 1000 डॉक्टर ही काम कर रहे हैं। चुनाव में अपनी जीत को तय बताते हुए उन्होंने कहा कि वे तीन दिन तक कुमाऊं के विभिन्न पीएचसी, सीएचसी और सभी दूरस्थ अस्पतालों में जाकर प्रचार करेंगे।
डॉक्टरों की समस्या सुनेंगे। वहीं उपाध्यक्ष मुख्यालय पद के उम्मीदवार और दून स्कूल के वरिष्ठ ईएनटी सर्जन डा. आरएस चौहान ने कहा कि सरकारी डॉक्टरों को लेकर स्पष्ट ज्वाइनिंग और तबादला नीति बनवाना उनका इस चुनाव में मुख्य एजेंडा होगा। नीति ने होने की वजह से नए डॉक्टर सरकारी सेवाओं से मुंह मोड़ रहे हैं। तबादलों में सिर्फ सिफारिश चल रही है। जिसके चलते कई डॉक्टर 10-10 साल तक दुर्गम इलाकों में ही पड़े हैं। जबकि कुछ सुगम में ही नौकरी कर रहे हैं। दोनों उम्मीदवारों के साथ प्रचार को आए पीएमएचएस के महासचिव डा. डीपी जोशी ने बताया कि पहाड़ों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए वे इन दोनों उम्मीदवारों के साथ प्रचार कर रहे हैं। भारी संख्या में कुमाऊं में डॉक्टरों का उन्हें समर्थन मिल रहा है।
