
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को जरूरत पड़ने पर हेलीकाप्टरों से एयरलिफ्ट के निर्देश दिए गए हैं। गढ़वाल के प्रभावित जनपदों में 7 महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए हेलीकाप्टरों की मदद से एयरलिफ्ट किया भी जा चुका है।
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स्वास्थ्य विभाग को आपदा से कटे गांवों में अपनी पहुंच बनाने के लिए सबसे बड़ी समस्या सड़क मार्गों के क्षतिग्रस्त होने से आ रही है। केंद्र से आई विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों की टीम ने जनपदों में स्वास्थ्य व्यवस्था के हाल का जायजा लिया। टीम ने गर्भवती महिलाओं के लिए राज्य सरकार की सुरक्षित प्रसव की मुहिम के बारे में जानकारी ली।
टीम ने प्रभावित क्षेत्रों में विभाग की घूम रही मोबाइल टीमों के इनपुट के आधार पर प्रत्येक गंभीर मामले पर हेलीकाप्टर से एयर लिफ्ट के आदेश जिलाधिकारियों को दिए हैं। अब तक उत्तरकाशी में चार महिलाओं और पिथौरागढ़ में तीन महिलाओं को हेलीकाप्टरों को माध्यम से ले जाकर उनका सुरक्षित प्रसव कराया गया है।
गांवों तक पहुंचना बड़ी चुनौती
सड़क मार्गों से कटे गांवों में गठित टीम को पहुंचने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। गर्भवती महिलाओं के सीएमओ कार्यालयों पर उपलब्ध डाटा के आधार पर ऐसे गांवों में पहुंचा जा रहा है। ऐसे में प्रत्येक गर्भवती का सुरक्षित प्रसव विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।
