
मंडी। शिक्षा विभाग की ओर से जेबीटी का द्विवार्षिक प्रशिक्षण रद करने पर सरकारी स्कूलों में तैनात प्राथमिक सहायक अध्यापकों में रोष है। विभाग के इस फैसले को लेकर प्राथमिक सहायक अध्यापक शीघ्र ही आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे। प्राथमिक सहायक अध्यापक संघ सराज-दो इकाई के प्रधान नंदलाल ठाकुर ने कहा कि प्रदेश भर के प्राइमरी स्कूलों में 3582 प्राथमिक सहायक अध्यापक तैनात हैं। शिक्षा निदेशालय ने प्राथमिक सहायक शिक्षकों का जेबीटी का द्विवार्षिक प्रशिक्षण रद कर दिया है। यह प्रशिक्षण 2011-13 के बीच सभी जिलों के डाइट में शिक्षा निदेशालय और सरकार के दिशा निर्देशानुसार करवाया था। लेकिन अब एनसीटीई और आरटीई की मान्यता न होने का हवाला देकर इसे रद करना शिक्षकों का शोषण है।
संघ ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि प्रशिक्षण रद करने के फैसले को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए। अन्यथा संघ प्रदेशव्यापी आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होगा। कहा कि जमा दो में 50 फीसदी और टेट की 10 वर्ष का अध्यापन कार्य करने की शर्त प्राथमिक सहायक अध्यापकों पर थोपना तर्क संगत नहीं। संघ ने चेताया कि अगर प्राथमिक सहायक अध्यापकों के साथ ऐसे ही अन्याय होता रहा तो धर्मशाला में सरकार का घेराव किया जाएगा। शिक्षा निदेशालय के इस फैसले से प्राथमिक सहायक अध्यापक अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
नंदलाल ठाकुर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान सरकार ने प्राथमिक सहायक अध्यापकों को रेगुलर करने आश्वासन दिया था। उन्होंने मुख्यमंत्री से उम्मीद जताई कि इन अध्यापकों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पैट द्वारा किए गए प्रशिक्षण को आधार मानकर ही शेष बचे प्रशिक्षण को मान्यता देकर राहत दिलाएं।
