प्रशासन से उठा भरोसा, खुद थामे गैंती-फावड़े

उत्तरकाशी। आपदा से सड़क तथा संपर्क मार्गों के बंद होने से अलग-थलग पड़े गांवों के ग्रामीणों का सरकारी मशीनरी से भरोसा उठने लगा है। ऐसे में ग्रामीण स्वयं श्रमदान कर संपर्क मार्गों को खोलने में लगे हैं। ग्रामीण स्कूलों के रास्तों को भी दुरुस्त कर रहे हैं।
16- 17 जून को आई आपदा से जिले के विभिन्न गांवों की सड़क, संपर्क तथा पुल क्षतिग्रस्त हो गए थे। वह अब तक सरकारी मशीनरी के गांव पहुंचने का इंतजार रहे थे, लेकिन जब कोई नहीं आया तो ग्रामीणों ने स्वयं संपर्क मार्गों को खोलने के लिए गैंती-फावडे़ हाथों में ले लिए हैं। डुंडा प्रखंड के रनाड़ी के ग्रामीण श्रमदान कर सरकार को आइना दिखा रहे हैं। यहां ग्रामीण मुलायम चंद, सरोपचंद, खेमचंद, जयप्रकाश, प्रेमलाल, सुरेश सहित अन्य ग्रामीण संपर्क मार्ग को बनाने में लगे हैं। जिले के अन्य गांवों के ग्रामीण भी अपने संपर्क मार्गों को खोलने में जुटे हैं। डिडसारी के ग्रामीणाें ने तो पहाड़ी चट्टान को काटकर तीन किमी का पैदल रास्ता तैयार कर दिया है।

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