प्रशासन को सौंपे आश्रमों के दस्तावेज

नई टिहरी। कथावाचक आसाराम के आश्रमों की वैधता की जांच पड़ताल अब तेजी से आगे बढे़गी। नई टिहरी सी ब्लॉक और चवालखेत आश्रम से तहसील प्रशासन को भूमि की पत्रावलियां और रजिस्ट्री की छाया प्रतियां मिल चुकी है। आश्रम संचालकों ने अपने जवाब में कहा है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत ही भूमि आवंटित हुई है। आवंटित भूमि के अलावा कोई कब्जा नहीं है।
टिहरी बांध विस्थापितों की 300 वर्ग मीटर भूमि पर आसाराम के आश्रम को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि आश्रम के नाम सिर्फ 150 वर्ग मीटर भूमि ही आंवटित हुई थी। चवालखेत में 18 नाली भूमि आश्रम के लिए खरीदी गई लेकिन लीज की भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया गया है।
तहसील प्रशासन ने रजिस्ट्रार कार्यालय में आश्रमों की पत्रावलियां खंगाली तो सी ब्लॉक के आश्रम के लिए 150 वर्ग मीटर का नक्शा ही पास मिला। चवालखेत आश्रम की रजिस्ट्री नहीं मिल पाई थी। तहसील प्रशासन ने आश्रमों की वैधता के प्रमाण देने के लिए शनिवार की शाम को दोनों आश्रमों में नोटिस को तामिल कराया था। आश्रम संचालको को तीन दिन के अंतर्गत जवाब दाखिल करने को कहा गया था। जवाब दाखिल करने में दोनों ही आश्रमों ने तत्परता दिखाई और प्रशासन को निर्धारित समय से दो दिन पहले ही आश्रम की पत्रावलियां सौप दी हैं। एसडीएम पारितोष वर्मा ने दोनों आश्रमों से जवाब मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि पत्राविलयाे को पढ़ने के उपरांत आगे की जांच की कार्रवाई शुरू की जांएगी।

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