
धर्मशाला(आत्मा राम)समस्या का असल समाधान निकालने के बजाए जिला प्रशासन कारोबारियों के पेट पर लात मार रहा है। शहर में पार्किंग बनाने और वोल्वों बसों पर शिकंजा कसने के बजाए प्रशासनिक अफसर शहर के व्यापारियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। पार्किंग को लेकर पब्लिक के लिए भी मुश्किल खड़ी हो गई है। इसे लेकर व्यापारियों में जबरदस्त नाराजगी है।
कोतवाली बाजार में महात्मा गांधी पार्क (गांधी चौक) से काली माता मंदिर तक वाहन खड़े करने पर पाबंदी लगाने के आदेशों का पहला दिन बाजार के व्यापारियों पर भारी पड़ा। प्रशासन की चेतावनी के बाद पहले दिन लोगों और पर्यटकों ने सड़क पर वाहन नहीं लगाए। इसके चलते कोतवाली बाजार की दुकानों में इक्का दुक्का ग्राहक आए। व्यापारियों ने प्रशासन के आदेशों के प्रति कड़ा रोष जताया है। आरोप लगाया कि प्रशासन समस्या को जड़ से खत्म करने के बजाए उन्हें तंग करने पर उतारू है। उन्होंने उपायुक्त को सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा था। जाम से कैसे निपटा जाए, इस ज्ञापन में व्यापारियों ने कई सुझाव दिए थे। लेकिन हैरत की बात यह है कि उपायुक्त ने उनके सुझावों पर अमल करने के बजाय अजीबोगरीब आदेश पारित कर व्यापारियों को तंग करना शुरू कर दिया। प्रशासन के नए आदेशों के पहले दिन बाजार में व्यापारी ही नहीं, आम लोग भी परेशान हुए। वाहन खड़े करने पर पाबंदी लगाने से जाम जरा भी कम नहीं हुआ। पूरा दिन बाजार में जाम लगता रहा। इसके लिए मूल समस्याओं का समाधान करना होगा। उनके सुझावों पर अमल करना होगा।
व्यापारियों ने उपायुक्त को दिए थे ये सुझाव
1. शहर में सस्ती पार्किंग की समस्या का जल्द समाधान किया जाए। शहर में एक भी पार्किंग नहीं है। एक पार्किंग का भवन अरसे से बन रहा है जो पूरा नहीं हुआ है। जब शहर में पार्किंग ही नहीं है तो लोग वाहन सड़क पर ही खड़े करेंगे। शहर में पार्किंग जो भी बनेगी उसके रेट कम होने चाहिए ताकि लोग वाहन वहीं पार्क करें।
2. मैकलोडगंज से शाम को वोल्वो और डीलक्स बसें आती हैं। इनकी लंबाई और चौड़ाई काफी ज्यादा है। इससे शाम को जाम लग जाता है। छोटी वोल्वो और डीलक्स बसें चलाई जानी चाहिए। बाजार के नजरिए से इस रोड पर 39 सीटर बस चलाने का प्रावधान है, लेकिन सरकार के उपक्रम ही आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। खनियारा रोड पर बड़ी नहीं मिनी बस चलानी चाहिए।
3. खनियारा और खड़ा डंडा रोड से जो वाहन मैकलोडगंज रोड को मुड़ता है, यह यू टर्न बंद होना चाहिए। अगर कोई वाहन खनियारा से आता है और उसे मैकलोडगंज जाना है तो वह गांधी चौक से मुड़े। चौक पर कूड़ा इकट्ठा करने और सब्जी वाली गाड़ियों के लिए सुबह आठ बजे से पहले समय निश्चित करना चाहिए। बाजार में तीन जगह येलो लाइन लगनी चाहिए। थोक व्यापारियों के सामान की गाड़ियों के लोड अनलोड के लिए उचित तीन से पांच मिनट दिन में कभी भी दिए जाएं।
4. ट्रैफिक पुलिस के करीब पांच कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इनकी संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।
5. काली माता मंदिर और टैक्सी स्टैंड के पास रेड लाइट का प्रावधान किया जाना चाहिए।
6. रेत बजरी और बड़े वाहनों के आने जाने के लिए सुबह शाम एक उचित समय निश्चित किया जाना चाहिए।
7. बाईपास रोड को चालू किया जाना चाहिए ताकि बड़े वाहन वहां से जा सकें।
क्या कहते हैं व्यापारी
‘अगर बाजार में कहीं भी अतिक्रमण है तो हम इसे हटाने में प्रशासन का पूरा सहयोग करेंगे। लेकिन इसके लिए प्रशासन पहले व्यापारियों को विश्वास में ले। प्रशासन व्यापारियों का अहित करने की कोशिश न करे।’
रविकांत शर्मा, अध्यक्ष, व्यापार मंडल
‘प्रशासन सहयोग करे तो जाम की समस्या हल हो सकती है। रेड लाइटें लगाने के साथ लावारिस पशुओं की समस्या हल करनी चाहिए। थोक विक्रेताओं की समस्या पर भी प्रशासन को ध्यान देना चाहिए’
नरेंद्र जंवाल, महासचिव, व्यापार मंडल
‘लावारिस पशुओं की समस्या का प्रशासन को हल करना चाहिए। यह पशु भी ज्यादातर जाम का कारण बनते हैं।’
अजेंद्र ओबराय, व्यापारी
‘बाईपास का काम दो साल से पूरा नहीं हो पाया है। अगर इसका काम पूरा हो जाए तो ट्रैफिक की समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी। कैंट रोड पर कजलोट पार्क को पार्किंग में तबदील करना चाहिए। ’ साहिल ओबराय, व्यापारी
‘फव्वारा चौक पर वाहनों के यू टर्न पर पाबंदी लगनी चाहिए। बाजार में रेड लाइटें लगनी चाहिए। लावारिस पशुओं से प्रशासन को निजात दिलानी चाहिए।’-राजीव, व्यापारी
‘बाईपास को अस्थायी रूप से चालू कर देना चाहिए। फव्वारा चौक पर यू टर्न बंद हो। लावारिस पशुओं का समाधान किया जाना चाहिए। ’रणधीर सेखड़ी, पूर्व अध्यक्ष, नगर परिषद
‘बड़े वाहनों के आवागमन के लिए बाजार रोड पर समय निर्धारित करना चाहिए। पार्किंग की समस्या जल्द हल होनी चाहिए। लावारिस पशुओं की समस्या से प्रशासन को निजात दिलानी चाहिए’- आकाश अग्रवाल
