
चंबा। ऐतिहासिक चौगान से व्यावसायिक गतिविधियां हटाने का निर्णय खासकर नगर परिषद चंबा के लिए खासी चुनौती बनने वाला है। वहीं, जिला प्रशासन भी मिंजर मेले के आयोजन के खर्च को लेकर असमंजस में है। उधर, नप के लिए चौगान पर बसाए गए दुकानदारों और अन्य अस्थायी रेहड़ी-फड़ी वालों को हटाकर किसी अन्य शिफ्ट करना आसान नहीं होगा। दोनों पक्ष इस निर्णय के खिलाफ अपील करने जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने अपील फाइल कर दी है, वहीं, नप बुधवार को अपील फाइल करेगी। दोनों प्रतिवादी पहले निर्णय पर स्टे लेने की तैयारी में हैं, मगर वादी पक्ष ने इस निर्णय पर किसी प्रकार का स्टे दिए जाने से पहले उन्हें सुनने के लिए अपीलेट कोर्ट में कैविएट फाइल कर दी है। इस कारण अब पूरे शहर की नजरें इस मामले पर होने वाली आगामी सुनवाई पर टिकी हैं। इस निर्णय के चलते जहां नगर परिषद की मुश्किलें बढ़ी हैं, वहीं, मिंजर मेले के दौरान व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक के चलते जिला प्रशासन भी असमंजस में है। हालांकि कोर्ट में चौगान में सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई है, मगर जिला प्रशासन व्यावसायिक गतिविधियों से होने बिना वाली आय से ही मेले आयोजन करता आया है। जिला प्रशासन को अपील पर 11 जुलाई को सुनवाई होनी है। इस संबंध में एडीएम संदीप कुमार का कहना है कि पहले निर्णय पर स्टे मांगी जाएगी। उन्होंने माना कि निर्णय के तहत चौगान से दुकानें और पार्किंग हटाने की कार्रवाई नगर परिषद को करनी है। उन्होंने कहा कि प्रमुख प्रतिवादी होने के चलते नप को आगामी निर्णय तक इस पर अमल करना होगा। उधर, नगर परिषद अध्यक्ष अनीता वर्मा ने कहा कि नगर परिषद पहले अपील में जाएगी। इसके बाद ही आगे की कार्रव्राइ होगी। उन्होंने कहा कि ईओ को बुधवार को बुलाया गया है और उनके जरिये अपील फाइल की जाएगी। उधर, वादी पक्ष से एडवोकेट जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस फैसले पर स्टे से पहले उनका पक्ष सुनने के लिए अपीलेट कोर्ट में उन्होंने कैविएट फाइल कर दी है। उन्होंने कहा कि अपील और कैविएट पर सुनवाई 11 जुलाई को ही रखी गई है। इस तरह अब 11 जुलाई को अपील पर होने वाली सुनवाई पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
