
रामपुर बुशहर। यहां बन रहे रामपुर हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रबंधन ने परियोजना प्रभावितों को अब तक मुआवजा नहीं दिया है। यह आरोप श्री दत्तात्रेय स्वामी पर्यावरण एवं किसान विकास समिति ने लगाया है। समिति का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन 2008-09 का मुआवजा अभी तक नहीं दे पाया है। वहीं, उन्होंने कंपनी पर प्रभावितों के मौलिक अधिकारों का हनन करने के भी आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन लोगों ने पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव का भी विरोध किया था। इसके बाद चुनाव आयोगकी सख्ती के चलते प्रभावितों को आधा मुआवजा जारी किया गया था। शेष मुआवजा जल्द जारी करने का आश्वासन दिया गया था। श्री दत्तात्रेय स्वामी पर्यावरण समिति के अध्यक्ष मोहन सिंह ठाकुर, उपप्रधान जयलाल नेगी और सचिव अश्वनी चौहान का कहना है कि कंपनी ने प्रभावितों को अपने हक के लिए धरना देने तक पर कोर्ट के माध्यम से रोक लगवा दी है, जो लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि 2009-10 से 2013 तक हुए फसलों के नुकसान की रिपोर्ट बनाने के लिए 2012 में कमेटी का गठन किया गया है, लेकिन कमेटी ने अभी तक कुछ भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि परियोजना प्रबंधन और प्रशासन की मिलीभगत के कारण गरीब किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। परियोजना के चलते बागवानों और किसानों की खेती और बागीचे उजड़ने के कगार पर हैं।
