
थत्यूड़ (टिहरी)। जौनपुर प्रखंड की क्षेत्र पंचायत की अंतिम बैठक मात्र रस्म अदायगी के लिए हुई। बैठक में आपदा से उपजे हालतों पर चर्चा तक नहीं हुई, जबकि आपदा से ग्रामीण क्षेत्रों के संपर्क मार्ग, पेयजल योजनाएं और विद्युत पोल तमाम स्थानों पर क्षतिग्रस्त पडे़ हुए हैं। बैठक में क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधानगण अपने पांच साल के कार्यकाल का बखान करते रहे।
बुधवार को ब्लॉक प्रमुख गीता रावत की अध्यक्षता में बीडीसी बैठक आयोजित की गई। क्षेत्र की जनता को उम्मीद थी कि बैठक में जन प्रतिनिधि आपदा से हुए नुकसान की समीक्षा कर उनके लिए योजनाएं तैयार करेंगे, लेकिन हुआ उल्टा। बैठक शुरू होते ही पंचायत सदस्य और प्रधानगणों कहने लगे कि यह उनके कार्यकाल की अंतिम बैठक है। अपने-अपने क्षेत्र में हुए कार्यों का बखान करते रहे। विद्युत, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई जैसे मूलभूत समस्याओं पर चर्चा ही नहीं की। सामाजिक कार्यकर्ता महिपाल रावत, वीरेंद्र सिंह चौहान और रमेश नौटियाल ने कहा कि बैठक में क्षतिग्रस्त रास्तों की मरम्मत मनरेगा के तहत कराने का प्रस्ताव सदन के माध्यम से जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बैठक में खंड विकास अधिकारी वीर सिंह राणा, ज्येष्ठ प्रमुख संजय नेगी, सरिता गौड़ और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
