प्रधानाचार्यों को सौंपी बैंक खाते खोलने की जिम्मेदारी

चंपावत। सभी स्कूलों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसर्फर (डीबीटी) स्कीम के तहत अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड और कोर बैंकिग सेवा के तहत बैंक खाते खोलने की जिम्मेदारी संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सौंपी गई है। खंड शिक्षा अधिकारी शौकत अली ने बताया कि चंपावत और टनकपुर तहसील में 22 जून तक छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड बनाए जाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डीबीटी के तहत कक्षा नौ से लेकर 12 तक के सभी एससी-एसटी और ओबीसी छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड बनवाए जाने अनिवार्य हैं।
उन्होंने बताया कि खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय के तहत कुल 41 विद्यालय आते हैं, जिसमें से 16 जीआईसी, 13 उच्चतर माध्यमिक, आठ वित्त विहीन हाईस्कूल और अशासकीय वित्त पोषित चार इंटर कालेज हैं। उन्होंने चंपावत और पूर्णागिरि तहसील के तहत आने वाले सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों से एससी-एसटी ओबीसी छात्र-छात्राओं की सूची के साथ संबंधित तहसील में 14 से 22 जून तक आधार कार्ड बनाने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित तिथि तक आधार कार्ड न बनाए जाने का उत्तरदायित्व संबंधित प्रधानाचार्य अथवा प्रबंधक का होगा। उन्होंने सभी लाभार्थी छात्र-छात्राओं के सीबीएस बैंक में खाता खुलवाना सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए हैं।

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