
नई दिल्ली: विवादों के बीच आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह देश लौटेंगे। आने वाले कुछ दिनों में सरकार दागी जनप्रतिनिधियों पर लाए गए विवादित अध्यादेश को वापस ले सकती है लेकिन कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की टिप्पणी के कारण प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस्तीफा नहीं देने वाले। ये विचार सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त रहे पूर्व नौकरशाहों ने व्यक्त किए हैं।
सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि मनमोहन सिंह मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर किए गए अध्यादेश को राहुल के ‘बकवास’ बताए जाने पर वह इस्तीफा नहीं देंगे। राहुल ने ये टिप्पणियां तब कीं जब मनमोहन सिंह अमरीकी दौरे पर थे और कई महत्वपूर्ण बैठकें होनी शेष थीं। पूर्व कैबिनेट सचिव प्रभात कुमार ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना होता तो अब तक वह दे चुके होते। उन्होंने कहा, ‘‘उनके न्यूयार्क में होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। वास्तव में वह इस्तीफा नहीं देने वाले हैं।’’
1996 से 1998 तक कैबिनेट सचिव रहे टी.एस.आर. सुब्रह्मण्यम ने कहा कि सरकार इस अध्यादेश को वापस ले लेगी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर वे ऐसा नहीं करते तो सरकार बीच में ही विभाजित हो जाएगी।’’ सुब्रह्मण्यम ने कहा कि कांग्रेस और सरकार के बीच मतभेद नए नहीं हैं लेकिन आम धारणा के विपरीत इसे हल कर लिया जाएगा।
योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया के भाई एवं पूर्व नौकरशाह तथा प्रधानमंत्री के महत्वपूर्ण सहयोगी रह चुके संजीव आहलूवालिया ने अपने ब्लॉग में प्रधानमंत्री की भ्रष्टाचार से आंख चुराने के लिए जमकर आलोचना की है। आहलूवालिया ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए, अभी भी इसमें बहुत देर नहीं हुई है। एक पूर्व गृह सचिव ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा कि प्रधानमंत्री इस्तीफा नहीं देने वाले हैं।
