
रोहड़ू। सीटू और हिमाचल किसान सभा इकाई ने मंगलवार को संयुक्त रूप से प्रदेश सरकार की जनविरोधी नितियों के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान बाजार में रैली निकालकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अपनी मांगाें से संबंधित एक ज्ञापन एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को भेजा।
हिमाचल किसान सभा संयोजक सुखदेव चौहान, सीटू क्षेत्रीय कमेटी महासचिव अजय दुल्टा ने बताया कि प्रदेश सरकार जनविरोधी निर्णय ले रही है। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बद से बदतर हो गई है। स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों के पद खाली चल रहे हैं। हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री ने बिना कैबिनेट की मंजूरी के प्रदेश के 103 स्वास्थ्य संस्थानों की आपातकालीन प्रयोगशालाओं को निजी हाथों में देने का फैसला लिया है। जो पैसा सरकारी खजाने में जाना था। अब वह पैसा निजी हाथों में जाएगा। कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार ने जनविरोधी निर्णय लिया गया है। सस्ते राशन की दुकानों में समय पर राशन की सप्लाई नहीं आ रही है। आम जनता को भारी परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है। सीटू की मांग है कि अस्पतालों में चल रही प्रयोगशालाओं को निजी हाथों में देने के फैसले को वापस लिया जाए। अगर शीघ्र ही मांगे पूरी नहीं की गई तो सीटू अपना आंदोलन उग्र करेगी। इस मौके पर एसएफआई अध्यक्ष रमन चौहान, वेद प्रकश जिंटा, देविंद्र वर्मा, जगमोहन भागटा, मोहन लाल, प्रमोद शर्मा, सुरेश कुमार, विनोद कुमार, विजय प्रकाश जिंटा, देश राज चतरांटा, विरेंद्र, पवन, मुकेश, मान सिंह आदि उपस्थित थे।
