
शिमला। हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक 23 जुलाई को सुबह 11 बजे तय हुई है। इसमें 7000 पीटीए शिक्षकों को कांट्रेक्ट में बदलने के लिए एक स्थायी नीति को सरकार मंजूरी दे सकती है। शिक्षा महकमे ने दो विकल्पों के साथ यह प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें प्रावधान किया जा रहा है कि पीटीए शिक्षकों को पहले कांट्रेक्ट में बदला जाए और फिर अनुबंध नीति के अनुसार ये रेगुलर हों। मुख्य सचिव सुदृप्त राय के अनुसार इस पालिसी को कैबिनेट के सामने फैसले के लिए रखा जा रहा है।
वर्तमान में पीटीए को कांट्रेक्ट में बदलने में ग्रेजुएशन में 50 फीसदी से कम अंकों वाली शर्त सबसे बड़ी बाधा साबित होगी। आरटीई के कारण इस शर्त में अनुबंध भर्ती के दौरान भी राज्य सरकार ने छूट नहीं दी थी। बीएड की शर्त को भी पूरी तरह लागू करना होगा। हालांकि, यह कैसे होता है, यह कैबिनेट के फैसले से ही पता चलेगा। राज्य सरकार लीज रूल्स में भी संशोधन करने जा रही है। इससे पहले पूर्व भाजपा सरकार के समय हुए कुछ अहम संशोधनों को सरकार पहले ही निरस्त कर दिया था। अब नए सिरे से रूल्स बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा ओबीसी क्रीमी लेयर की सीमा को बढ़ाने का भी प्रस्ताव है। इसे केंद्र सरकार पहले ही बढ़ा चुकी है।
कैबिनेट की 23 जुलाई को बैठक होने के कारण इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज (आईजीएमसी) रोगी कल्याण समिति की अहम बैठक भी स्थगित कर दी गई है। अब यह बैठक बाद में होगी।
सरकार ने महाधिवक्ता का वेतन बढ़ाया
शिमला। राज्य गृह विभाग ने महाधिवक्ता का वेतन बढ़ा दिया है। इस बारे में जारी अधिसूचना के अनुसार अब एडवोकेट जनरल को मुख्य सचिव से भी ज्यादा वेतन मिलेगा। महाधिवक्ता श्रवण डोगरा को नए फार्मूले के अनुसार हर महीने 1.10 लाख रुपये रिटेनर फीस, हर केस के लिए 2500 रुपये फीस जिसमें वह स्वयं पेश हाेंगे, अन्य संबंधित मामलों में 2400 रुपये प्रति केस फीस, हिमाचल से बाहर किसी भी केस में पेश होने के लिए 1.10 लाख रुपये फीस, एचआरए 50 हजार रुपये, क्लास वन अधिकारी को देय टीए-डीए और मेडिक्लेम, 10 हजार रुपये टेलीफोन भत्ता और कार एवं ड्राइवर असीमित पेट्रोल के साथ मिलेगी।
