
लोकसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए यह सूचना है। नामांकन से पहले उन्हें जीरो बैलेंस का एक एकाउंट खोलना होगा। कोई भी प्रत्याशी 20 हजार रुपये से अधिक कैश खर्च नहीं कर सकता है।
अधिक खर्च करने के लिए उन्हें चेक बुक का इस्तेमाल करना होगा, जिसके माध्यम से उन्हें भुगतान करने की व्यवस्था की जाएगी।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र चौहान ने सूबे के कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर और शिमला संसदीय सीट के रिटर्निंग आफिसरों को उक्त व्यवस्था लागू करने के लिए कह दिया है, जिससे आयोग के आदेश का अनुपालन कराया जा सके।
चुनावी खर्चे पर पैनी नजर रखने के लिए यह व्यवस्था की गई है। नामांकन के दौरान ही प्रत्याशियों को रिटर्निंग आफिसर द्वारा इसका अनुपालन करने के लिए कहा जाएगा। इसका अनुपालन न करना सीधे तौर पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। इस बैंक एकाउंट का इस्तेमाल केवल चुनाव के उद्देश्य से किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर भी नजर
निर्वाचन की ओर से सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जाएगी। किस प्रत्याशी की ओर से किस प्रकार से सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार किया जा रहा है।
किस प्रत्याशी द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से कितनी रकम खर्च की जा रही है। इसका भी आंकलन किया जाएगा। इस व्यय को भी चुनावी खर्चे में जोड़ दिया जाएगा।
