प्रतिनियुक्ति से आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी खफा

नाहन (सिरमौर)। हिमाचल आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी परिषद की जिला कार्यकारिणी की बैठक की अध्यक्षता परिषद के राज्य महासचिव डा. अरुण चंदन ने की। इस अवसर पर परिषद को संबोधित करते हुए डा. अरुण चंदन ने कहा कि एलोपैथिक संस्थान पूरे राज्य में निष्ठा पूर्वक कार्य कर रहे हैं। इससे पूर्व आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी परिषद ने आयुर्वेद चिकित्सकों के डेपुटेशन पर सवाल उठाते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। परिषद ने स्पष्ट किया कि अचानक डेपुटेशन होने से चिकित्सा संबंधी तकनीकी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। साथ ही कई दवाओं का उपयोग बेकार हो रहा है। डा. चंदन ने परिषद की ओर से राज्य सरकार एवं विभाग से मांग करते हुए कहा कि वह जनता को सुविधा उपलब्ध करवाने बारे कर्मचारियों की कार्यशीलता का ध्यान रखें। इस दौरान बैठक में शिमला परिषद की सरकार से होने वाली बैठक को लेकर विभिन्न मुद्दों एवं समस्याओं पर चर्चा कर मांगपत्र तैयार किया गया। जिला अध्यक्ष डा. संदीप शर्मा ने बताया कि आयुर्वेद चिकित्सकों के 4-9-14 के तहत टाइम स्केल की मांग को प्रमुखता से रखा जाएगा। बैठक में डा. कविता चौधरी की पदोन्नति के चलते उनके स्थान पर डा. देवराज चंदेल को वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया। बैठक में डा. अनिल बिशनोई, डा. राजेंद्र सिंह, डा. मनोज स्याल, डा. अरविंदर गुप्ता, डा. पंकज कश्यप, डा. रेणू जोशी और डा. अतुल के अलावा महासचिव डा. गुरपाल सिंह मौजूद रहे।

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